Chirag Paswan
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जातीय जनगणना को लेकर बुधवार को बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। वर्षों से राजनीतिक बहस का केंद्र रहे इस मुद्दे पर सरकार ने मोहर लगाते हुए ऐलान किया है कि आगामी जनगणना में जाति आधारित डेटा भी शामिल किया जाएगा।
बिहार से सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के समावेशी विकास की दिशा में "ऐतिहासिक निर्णय" करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। चिराग ने कहा, "यह निर्णय लंबे समय से हमारी मांग रही है, जो आज पूरी हुई है। यह कदम वंचित वर्गों को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।" चिराग ने उन भ्रांतियों का भी जिक्र किया जो पिछले वर्षों में उनके और केंद्र सरकार के संबंध में जातीय जनगणना को लेकर फैलाई गई थीं। उन्होंने कहा कि आज का निर्णय इन सभी अफवाहों का स्पष्ट और ठोस जवाब है।
कांग्रेस पर सत्तापक्ष का वार :
वहीं सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि आज़ादी के बाद से कांग्रेस समेत पिछली सरकारों ने कभी भी जाति को औपचारिक रूप से जनगणना में शामिल नहीं किया। केवल औपचारिक सर्वे करवाकर मुद्दे को टाल दिया गया। सरकार का यह कदम विपक्ष के लिए भी बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से जातीय जनगणना को लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल आवाज़ उठाते रहे हैं। अब यह मुद्दा सरकार की झोली में चला गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला न केवल सामाजिक दृष्टि से अहम है, बल्कि 2024 के बाद के चुनावी समीकरणों को भी गहराई से प्रभावित कर सकता है।
Editorial

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