जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज वीडियो वायरल हुआ है, जिसने जांच एजेंसियों को नई दिशा दी है। इस वीडियो में एक युवक जिप लाइन एडवेंचर करते समय दिखता है और उसी दौरान अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई देती है। वीडियो के वायरल होने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तेजी से कारवाई करते हुए इसमें दिख रहे युवक ऋषि भट्ट से पूछताछ की है।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
वीडियो में ऋषि भट्ट नामक युवक एक ऊंचे स्थान से जिप लाइन का आनंद लेता दिखाई देता है। उसे एक व्यक्ति जिप लाइन पर धक्का देता है, और ठीक उसी पल 'अल्लाहू-अकबर' का नारा गूंजता है। जैसे ही यह नारा बुलंद होता है, नीचे भारी गोलीबारी शुरू हो जाती है। ऋषि अपने मोबाइल कैमरे में यह पल रिकॉर्ड कर रहे थे और उन्हें नीचे हो रही गोलीबारी का तत्काल अहसास नहीं हो सका।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गोलीबारी के बीच लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आते हैं। कुछ लोग खुद को सुरक्षित स्थानों पर छुपाने की कोशिश करते हैं। वहीं, एक व्यक्ति को गोली लगने के बाद गिरते हुए भी देखा जा सकता है।
एनआईए की कारवाई :
सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने ऋषि भट्ट का बयान दर्ज किया है। ऋषि ने अपने बयान में बताया कि जिस व्यक्ति ने उन्हें जिप लाइन पर धक्का दिया, उसी ने 'अल्लाहू-अकबर' का नारा भी लगाया। एनआईए ने इस व्यक्ति की पहचान कर ली है और उससे भी पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह व्यक्ति आतंकी गतिविधियों में संलिप्त था या नहीं।
एनआईए इस वीडियो को हमले के अहम सबूत के तौर पर देख रही है। वीडियो में आतंकियों की बर्बरता और हमले की भयावहता को साफ महसूस किया जा सकता है।
हमला और उसकी पृष्ठभूमि :
22 अप्रैल को हुए इस हमले ने पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हमले में कई लोग घायल हुए थे और सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालकर इलाके की घेराबंदी कर दी थी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया था कि हमलासुनियोजित तरीके से किया गया था।
अब एनआईए वायरल वीडियो, चश्मदीद गवाहों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस हमले की गहराई से पड़ताल कर रही है। एजेंसी को शक है कि हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों का हाथ हो सकता है, लेकिन अभी जांच जारी है।एनआईए इस हमले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों, मोबाइल वीडियो, और चश्मदीदों के बयानों को मिलाकर एक मजबूत केस तैयार किया जा रहा है ताकि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां पहलगाम और आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा चुकी हैं।
Editorial

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