Nuclear Tensions Flip: Pakistan Appeals to India
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट खुलकर सामने आ गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक चौंकाने वाला और विवादित बयान देते हुए दावा किया है कि यह हमला भारत ने खुद किया है ताकि पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर बदनाम किया जा सके। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ख्वाजा आसिफ ने कहा, "अब ऐसा लग रहा है कि भारत ने यह हमला खुद करवाया है और इसके जरिए पाकिस्तान को निशाना बनाया जा रहा है।" इसके साथ ही उन्होंने भारत पर सिंधु जल समझौते का उल्लंघन करते हुए पानी को 'हथियार' की तरह इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर विश्व बैंक से संपर्क करेगा।
युद्ध नहीं चाहते लेकिन जवाब देने के लिए तैयार: पाकिस्तान :
ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा, "हम भारत के साथ युद्ध की शुरुआत नहीं करना चाहते, लेकिन अगर युद्ध के हालात बनते हैं तो पाकिस्तान भी मजबूती से जवाब देगा।" उनके बयान से साफ जाहिर होता है कि पाकिस्तान आतंकी घटनाओं में अपनी भूमिका को छुपाने के लिए भारत पर उलटे आरोप लगाने की रणनीति अपना रहा है।
रूस और चीन से जांच में सहयोग की अपील :
पाकिस्तान ने इस बार पहलगाम हमले की जांच में अंतरराष्ट्रीय शक्तियों को शामिल करने की मांग भी की है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि रूस, चीन या पश्चिमी देश इस हमले की निष्पक्ष जांच कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच दल गठित किया जाए, जो यह पता लगाए कि भारत सच्चाई बोल रहा है या झूठ फैला रहा है। उन्होंने कहा, "खाली बयानबाजी से सच्चाई नहीं छुपाई जा सकती। इस बात के ठोस सबूत पेश किए जाएं कि पाकिस्तान इस हमले में शामिल है या नहीं।"
शहबाज शरीफ ने भी दोहराई अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग :
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी ख्वाजा आसिफ के सुर में सुर मिलाते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग रखी है। शहबाज शरीफ का कहना है कि केवल बातचीत और आरोप-प्रत्यारोप से सच्चाई नहीं सामने आ सकती, इसके लिए ठोस और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
भारत ने ठुकराए पाकिस्तान के आरोप :
भारत ने हमेशा पाकिस्तान पर आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाया है और इस तरह के बयानों को सिरे से खारिज किया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान के इस तरह के बयान आतंकी संगठनों को संरक्षण देने की उसकी नीति का ही हिस्सा हैं। पाकिस्तान का ताजा रवैया यह दर्शाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव से बुरी तरह घबराया हुआ है। आतंकी घटनाओं पर लीपापोती करने और खुद को मासूम साबित करने के प्रयास में पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी झूठ और भ्रम फैलाने की रणनीति अपना रहा है।
Editorial

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