दक्षिण भारत में बदला मौसम, आंध्र में गरज-चमक, केरल में उमस के बाद बारिश; कर्नाटक में मौसम सामान्य |
दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है, जहां आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं और आंधी-तूफान की चेतावनी है, वहीं केरल में उमसभरी गर्मी के बाद बारिश का अनुमान जताया गया है।
दक्षिण भारत में मौसम विभाग की चेतावनी के बीच तटीय क्षेत्रों में बारिश और आंधी-तूफान का सामना करते हुए नागरिक।
दक्षिण भारत के राज्यों में इस समय मौसम का एक बेहद दिलचस्प और विविधतापूर्ण नजारा देखने को मिल रहा है, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में प्रकृति के अलग-अलग रंग नजर आ रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज नौ सितंबर को दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम का दोहरा असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। एक तरफ जहां कुछ इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान का दौर शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी तरफ कुछ हिस्सों में चिलचिलाती गर्मी के बाद बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के क्षेत्रों में आज नौ सितंबर को मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल रहे हैं। इन दोनों उपखंडों में गरज-चमक के साथ-साथ तेज सतही हवाएं चलने की स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान वायुमंडल में सक्रिय हुए बादलों और मौसमी हलचल के कारण हवा की गति तेज रहने की संभावना है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
दूसरी ओर, केरल राज्य में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग और मिला-जुला बना हुआ है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि केरल में नौ सितंबर को किसी भारी बारिश की सीधी चेतावनी तो नहीं दी गई है, लेकिन इससे पहले आठ और नौ सितंबर के दौरान राज्य के कुछ चुनिंदा इलाकों में तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। इस वजह से वहां के लोगों को भारी उमस और चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ा है। हालांकि, इस गर्म और उमस भरे दौर के तुरंत बाद अब राज्य के अलग-अलग स्थानों पर गरज और बौछारों के साथ भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
इसके विपरीत, कर्नाटक के तटीय, उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में आज नौ सितंबर के लिए किसी भी तरह की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। कर्नाटक के इन प्रमुख क्षेत्रों में फिलहाल मौसम पूरी तरह से शांत और सामान्य बना हुआ है, जिससे वहां के नागरिकों को किसी भी मौसमी आपदा या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। दक्षिण भारत के इन विभिन्न राज्यों में बदलती यह मौसमी परिस्थितियां इस बात का प्रमाण हैं कि मानसून का यह दौर अपने अंतिम चरणों में किस प्रकार क्षेत्रीय स्तर पर अलग-अलग रंग दिखा रहा है, जिस पर मौसम वैज्ञानिकों की पैनी नजर बनी हुई है।