दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के समीप एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून के कमजोर पड़ने और मौसमी बदलाव के साथ ही हवा की गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है। राजधानी के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मध्यम श्रेणी से बढ़कर खराब और चिंताजनक स्तर तक दर्ज किया जा रहा है। अलग-अलग इलाकों और निगरानी केंद्रों के आधार पर प्रदूषण का यह स्तर भिन्न पाया गया है।

आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि बीते कुछ दिनों में दिल्ली के औसत वायु गुणवत्ता स्तर में क्रमिक बदलाव देखा गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 5 अक्टूबर को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 187 दर्ज किया गया था, जो 6 अक्टूबर को 184 और 7 अक्टूबर को घटकर 179 दर्ज हुआ। यह आंकड़ा सामान्यतः 'मध्यम' (Moderate) श्रेणी के अंतर्गत आता है। हालांकि, 8 अक्टूबर 2026 के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि स्थानीय स्तर पर हवा की गुणवत्ता में गिरावट आई है, जहां द्वारका स्थित मॉनिटरिंग स्टेशन पर AQI 283 तक दर्ज किया गया।

विशेषज्ञों और स्थानीय स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के अनुसार, हवा के स्तर में गिरावट को देखते हुए आम नागरिकों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के दौरान लंबे समय तक खुले में रहने या अत्यधिक शारीरिक गतिविधियों से बचना उचित माना जाता है। संवेदनशील वर्ग, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोग शामिल हैं, उन्हें वायु गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का परामर्श दिया गया है।

प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित दिशा-निर्देशों के तहत, अत्यधिक AQI वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बाहर बिताए जाने वाले समय में कटौती करने और स्थानीय स्वास्थ्य निकायों द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने का सुझाव दिया गया है। बदलते मौसम के साथ दिल्ली की आबोहवा में आने वाले दिनों में और बदलाव संभव हैं, जिस पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।