हवा में घुलता जहर: दिल्ली का AQI पहुंचा 195 के करीब, कभी भी लग सकती है ग्रैप-1 की पाबंदियां|
राजधानी दिल्ली में मौसम बदलते ही वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है और AQI के 200 के करीब पहुंचने पर ग्रैप-1 लागू होने की संभावना है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण और बदलते मौसम के बीच सड़क पर एंटी-स्मॉग गन से छिड़काव करता हुआ वाहन।
मानसून की विदाई के ठीक बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में मौसम ने करवट ले ली है, जिसके साथ ही वायु गुणवत्ता पर इसका असर साफ तौर पर दिखने लगा है। दिल्ली में वर्तमान वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 195 तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह आंकड़ा 200 या उससे अधिक हो जाता है, तो दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप-1 की पाबंदियां स्वतः लागू कर दी जाएंगी। तापमान में उतार-चढ़ाव और कम होती हवा की रफ्तार के चलते प्रदूषण के कण निचले वायुमंडल में जमा होने लगे हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं।
मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर के शुरुआती दिनों में तापमान लगातार बना हुआ है। आज यानी 4 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इसके अलावा 5 अक्टूबर को भी तापमान 35 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा, जबकि नमी का स्तर 85 से 60 फीसदी तक पहुंचने के कारण उमس भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। आगामी 6 से 8 अक्टूबर के बीच तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है और पारा 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। हालांकि 7 और 8 अक्टूबर को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है और नमी का स्तर 85 से 75 फीसदी तक बना रहेगा, जिससे मौसम में नमी और उमस बरकरार रहेगी।
हवा की गुणवत्ता की बात करें तो दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में एक्यूआई 150 से 198 के बीच यानी मध्यम से खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। अलीपुर में एक्यूआई 198, बवाना में 185, चांदनी चौक में 178 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 173 रिकॉर्ड किया गया है। इसके अलावा आनंद विहार, अशोक विहार, आया नगर, कैंटोनमेंट एरिया और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भी हवा की स्थिति संतोषजनक नहीं है। वहीं दूसरी ओर, नोएडा और गाजियाबाद जैसे एनसीआर के पड़ोसी शहरों में हालात और भी ज्यादा चिंताजनक हो गए हैं। नोएडा के सेक्टर-125 में 217, सेक्टर-62 में 222, सेक्टर-1 में 202 और सेक्टर-116 में 216 एक्यूआई दर्ज किया गया है। गाजियाबाद के लोनी में एक्यूआई 252, संजय नगर में 217, वसुंधरा में 219 और वेव सिटी में यह खतरनाक स्तर यानी 291 तक पहुंच चुका है। बढ़ते प्रदूषण के इस खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।