तस्वीर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून में आयोजित राज्योत्सव में.

देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव कार्यक्रम में राज्य के विकास को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की यात्रा का पहला पड़ाव उत्तराखंड बनने जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने 1475 करोड़ रुपये की लागत वाली 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड फिल्म नीति के अंतर्गत घोषित लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के साथ विभिन्न हस्तियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान और मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

भारत माता की जय और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने कहा कि वे गुजरात से आते हैं, जहां मान्यता है कि चारधाम के दर्शन किए बिना व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती। उन्होंने कहा कि आज उन्हें भगवान बदरीविशाल, बाबा केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब और कुंभ नगरी हरिद्वार की पावन धरती उत्तराखंड में आने का अवसर मिला है।


उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड राज्य का निर्माण कर राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार किया था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड को संवारने का कार्य कर रहे हैं।

अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड राज्योत्सव को गौरव, सिद्धि और संकल्प के रूप में मनाया जा रहा है। गौरव इस बात का है कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड राज्य का निर्माण किया। सिद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकसित उत्तराखंड के निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों की है। वहीं, संकल्प राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण के संरक्षण का है।

उन्होंने उत्तराखंड की वीरता और शौर्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि शौर्य यहां के लोगों की थाती रहा है। नई पीढ़ी को वीरांगना तीलू रौतेली, वीर माधो सिंह भंडारी, विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरबान सिंह नेगी और गबर सिंह नेगी, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली तथा जनरल बिपिन रावत के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।


वर्ष 2022 की तुलना में जीएसडीपी में 50 प्रतिशत की वृद्धि

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में उत्तराखंड की विकास यात्रा में तेजी आई है। राज्योत्सव कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार राज्य की विकास यात्रा में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रयासों को महत्व देती है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 की तुलना में राज्य की जीएसडीपी में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उत्तराखंड में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। औद्योगिक विकास की तमाम चुनौतियों के बावजूद राज्य ने कम समय में यह उपलब्धि हासिल की है।

उत्तराखंड की तर्ज पर 15 राज्य यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने इसे धरातल पर लागू किया है। उन्होंने कहा कि इसके लागू होने के बाद न कोई चार शादियां कर पाएगा और न ही तीन तलाक दे पाएगा। उन्होंने दावा किया कि अब देश के 15 राज्य अपने यहां समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

प्रदेश में लागू सख्त नकल विरोधी कानून की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इससे दोषियों को सजा दिलाने में आसानी हुई है। कानून लागू होने के बाद उत्तराखंड में 35 हजार युवाओं को बिना किसी सिफारिश और अतिरिक्त खर्च के सरकारी नौकरियां मिली हैं। इसी तरह धर्मांतरण विरोधी कानून लागू कर राज्य ने धर्मांतरण पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन, टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे तथा सौंग, जमरानी और किसाऊ बांध जैसी परियोजनाएं उत्तराखंड में विकास की नई गाथा लिख रही हैं।

महिलाओं, सैनिक परिवारों और सीमांत गांवों के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके अलावा राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में लखपति दीदियों की संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है और ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों होम स्टे संचालित हो रहे हैं। राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी है। किच्छा में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जबकि सीमांत क्षेत्रों के 51 गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि स्वर्गीय बी.सी. खंडूड़ी और भगत सिंह कोश्यारी ने उत्तराखंड में विकास की नींव रखी। पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने अपने कार्यकाल में राज्य के विकास का रोडमैप तैयार किया, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगे बढ़ाया है।

सीमांत क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी रखी बात

अमित शाह ने कहा कि पहले की सरकारों ने चीन के डर से उत्तराखंड का विकास बाधित किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राज्य के सीमांत क्षेत्रों तक सड़कों का जाल बिछाया है। उन्होंने कहा कि अब किसी की इतनी हिम्मत नहीं है कि वह भारत की सीमा में घुसने का प्रयास करे। ऐसा करने वालों को सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से सबक सिखाया गया है।

अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी। राज्योत्सव के मंच से 1475 करोड़ रुपये की 62 परियोजनाओं की सौगात, विकास के आंकड़ों और समान नागरिक संहिता सहित विभिन्न नीतिगत उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तराखंड की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

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