उत्तराखंड सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में दिव्य कुंभ की तैयारियों से लेकर नंदा राजजात यात्रा और पेयजल परियोजनाओं तक के लिए करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 290 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके साथ ही गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना, हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों के लिए भी बजट में धनराशि प्रस्तावित की गई है।

आगामी दिव्य कुंभ की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न अनुदानों के अंतर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर समग्र रूप से लगभग 290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हरिद्वार में कुंभ से संबंधित तैयारियों के तहत हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए पूंजीगत मद में 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।

उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष महत्व रखने वाली नंदा राजजात यात्रा के संचालन के लिए भी सरकार ने बजट में प्रावधान किया है। इस यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए पूंजीगत मद में 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। अनुपूरक बजट में यह राशि यात्रा के संचालन से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रखी गई है।

प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को अनुपूरक बजट में स्थान दिया गया है।

पेयजल क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं के लिए भी बजट में धनराशि रखी गई है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ठेकेदारों के बकाया भुगतान सहित अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त पेयजल विभाग की केएफडब्ल्यू परियोजना के लिए लगभग 110 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।

राज्य के आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों के लिए भी अनुपूरक बजट में राशि निर्धारित की गई है। जोशीमठ और अन्य स्थानों पर भू-धंसाव की स्थिति को देखते हुए संबंधित आवश्यक कार्यों के लिए लगभग 48 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इस अनुपूरक बजट के माध्यम से उत्तराखंड सरकार ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं, पेयजल परियोजनाओं और आपदा संबंधी कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है। दिव्य कुंभ और नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों के साथ गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना, जल जीवन मिशन, केएफडब्ल्यू परियोजना तथा भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों के कार्यों के लिए किए गए प्रावधान राज्य की विभिन्न बुनियादी जरूरतों को बजटीय सहायता देने पर केंद्रित हैं।

Tags: