कन्नौज में पुलिस-बदमाश मुठभेड़: मोबाइल चोर गिरोह का शातिर पैर में गोली लगने के बाद दबोचा, दो साथी भी गिरफ्तार
कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र में पुलिस और अंतरजनपदीय मोबाइल चोर गिरोह के बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। एक बदमाश के पैर में गोली लगी, दो साथी गिरफ्तार हुए और एक सिपाही घायल हुआ। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और अन्य वारदातों की जांच में जुटी है।
तस्वीर में पुलिसकर्मी कन्नौज मुठभेड़ के दौरान एक घायल बदमाश को पकड़कर ले जाते हुए और उसके दो साथियों को हिरासत में खड़े हुए देख रहे हैं, साथ ही नीचे इंसर्ट में बरामद हथियार और साक्ष्य दिखाया गया है।
कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह पुलिस और शातिर मोबाइल चोर गिरोह के बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान एक सिपाही घायल हो गया और पुलिस की जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब छह बजे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे लिंक रोड पर पुलिस को सूचना मिली कि पल्सर बाइक पर सवार तीन शातिर बदमाश भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर दी। खुद को चारों ओर से घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की, जिसके दौरान बदमाशों की पल्सर बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई।
मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग में बदमाश राजीव पुत्र हुकुम सिंह निवासी इटावा के पैर में गोली लग गई। वहीं पुलिस के सिपाही गजेंद्र सिंह भी घायल हो गए। पुलिस ने घायल राजीव के साथ उसके दो साथियों जितेंद्र उर्फ भूरा निवासी मैनपुरी और साहिल निवासी इटावा को गिरफ्तार कर लिया।
मौके से पुलिस ने एक पल्सर मोटरसाइकिल, अवैध तमंचे तथा कई जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी अंतरजनपदीय मोबाइल चोरी गिरोह के सदस्य हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह से पहले 37 चोरी के मोबाइल, जिनमें 9 आईफोन शामिल हैं, बरामद किए जा चुके हैं। इन मोबाइलों की कीमत लगभग 20 से 25 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी जंतर-मंतर समेत कई बड़ी रैलियों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में महंगे मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। तीनों आरोपियों के खिलाफ कई जनपदों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर और एनडीपीएस एक्ट सहित गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी सुरेश मलिक, फॉरेंसिक टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों का पता लगाने में जुटी हुई है।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। घायल बदमाश और घायल सिपाही का उपचार कराया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और मामलों की पड़ताल में जुटी हुई है।