आईवीआरआई में 150 से अधिक छात्रों का धरना, इंटर्नशिप भत्ते की मांग 25 हजार रुपये
बरेली के आईवीआरआई कैंपस में वेटनरी छात्रों ने इंटर्नशिप भत्ता 3 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के इज्जतनगर कैंपस में इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना देते हुए वेटनरी छात्र।
बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के इज्जतनगर कैंपस में वेटनरी और एनिमल हसबेंड्री के 150 से अधिक छात्रों ने इंटर्नशिप भत्ते को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आज संस्थान के मेन कैंपस के पास एकत्रित होकर विरोध जताया।
छात्रों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें 12 महीने की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप के लिए सिर्फ 6 महीने तक 3,000 रुपये प्रति माह का भत्ता दिया जाता है, जो बेहद कम है। छात्रों ने मांग की है कि पूरी 12 महीने की इंटर्नशिप अवधि के दौरान उन्हें 25,000 रुपये प्रति माह भत्ता दिया जाए।
छात्रों ने इंटर्नशिप भत्ते को लेकर चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें 12 महीने की पूरी इंटर्नशिप के लिए 25,000 रुपये प्रति माह भत्ता, अन्य पशु चिकित्सा संस्थानों की तुलना में आईवीआरआई के भत्ते में असमानता की समीक्षा, इंटर्नशिप भत्ते की फंडिंग और ढांचे में पारदर्शिता तथा संबंधित अधिकारियों से लिखित और समयबद्ध जवाब की मांग शामिल है।
छात्रों का कहना है कि उनकी मांग काल्पनिक नहीं है, बल्कि दूसरे प्रतिष्ठित संस्थानों के आधार पर है। उनके अनुसार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में वेटरनरी इंटर्न को लगभग 23,500 रुपये, लुवास में लगभग 24,310 रुपये और गाडवासु में लगभग 22,500 रुपये प्रति माह भत्ता दिया जाता है। ऐसे में देश के शीर्ष संस्थान आईवीआरआई में मात्र 3,000 रुपये का भत्ता न्यायसंगत नहीं है।
छात्रों ने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान उन पर क्लीनिकल ड्यूटी, इमरजेंसी सेवाओं और मरीजों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी होती है। उनका कहना है कि इस जिम्मेदारी के अनुरूप उन्हें सम्मानजनक भत्ता मिलना चाहिए।
छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे अनुशासन बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाओं, इमरजेंसी केयर और मरीजों के इलाज में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
छात्रों ने कहा, "हमारा विरोध आईवीआरआई या पशु चिकित्सा शिक्षा के खिलाफ नहीं है। संस्थान ने हमें बेहतरीन क्लीनिकल प्रशिक्षण दिया है, हम सिर्फ अपने काम के अनुसार उचित मानदेय की मांग कर रहे हैं। अगर इंटर्नशिप 12 महीने अनिवार्य है तो भत्ता भी पूरे 12 महीने मिलना चाहिए।"
छात्रों की प्रोफेशनल परीक्षाएं इसी महीने शुरू होने वाली हैं, जिसके बाद उनकी इंटर्नशिप शुरू होगी। इसलिए वे इंटर्नशिप शुरू होने से पहले ही इस मुद्दे को उठाना चाहते हैं। छात्रों ने अपना मांग पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया है और लिखित व समयबद्ध समाधान की मांग की है।