हापुड़ में कक्षा 7 की छात्रा निधि बनीं एक दिन की सांकेतिक DM, कलेक्ट्रेट में की जनसुनवाई
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा को सांकेतिक जिलाधिकारी बनाकर जनसुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ा गया।
हापुड़ कलेक्ट्रेट में आयोजित मिशन शक्ति कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी कविता मीना (बाएं) कक्षा 7 की छात्रा निधि (दाएं) को पौधा भेंट कर सम्मानित करती हुईं।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में मिशन शक्ति अभियान (फेज-6) के तहत महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल सामने आई। जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की कक्षा-7 की होनहार छात्रा कु० निधि को एक दिन का सांकेतिक जिलाधिकारी बनाया गया। इस पहल का उद्देश्य बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करना है।
एक दिन की जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभालते ही छात्रा निधि ने कलेक्ट्रेट में आए आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित शिकायतों पर ध्यान केंद्रित किया और उनके त्वरित निस्तारण के संबंध में अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान निधि ने जनपद में चल रहे महिला सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा भी की।
निधि ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं की सुरक्षा, उच्च स्तरीय शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। सांकेतिक जिलाधिकारी के रूप में जनसुनवाई और प्रशासनिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी का उद्देश्य बालिकाओं को जिम्मेदारियों से परिचित कराना और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "आज हमारी बेटियां किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की ये बेटियां आने वाले समय में आत्मनिर्भर बनकर देश का भविष्य बनेंगी। निधि जैसी होनहार बेटियां आज पूरे जनपद का नाम रोशन कर रही हैं।"
प्रशासनिक दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाने के लिए जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने छात्रा निधि को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। उन्होंने निधि की पीठ थपथपाई और उनके उज्ज्वल व स्वर्णिम भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी और विद्यालय की शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
मिशन शक्ति अभियान (फेज-6) के तहत आयोजित इस पहल में छात्रा निधि को एक दिन के लिए सांकेतिक जिलाधिकारी की भूमिका निभाने का अवसर मिला। जनसुनवाई से लेकर बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों से संवाद तक, इस कार्यक्रम के जरिए बेटियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया।