हापुड़ में संचारी रोग नियंत्रण पर डीएम कविता मीना सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
हापुड़ में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की डीएम कविता मीना ने समीक्षा की। फॉगिंग, सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव, घर-घर सर्वे और अस्पतालों में व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए गए।
तस्वीर में हापुड़ कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी कविता मीना अधिकारियों के साथ संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक करती हुई नजर आ रही हैं.
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम और मच्छरों के प्रकोप से जनता को बचाने के लिए प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक हुई। इसमें अब तक किए गए कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी कविता मीना ने स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, पंचायती राज, शिक्षा और बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर युद्धस्तर पर कार्य करें।
उन्होंने जलभराव और मच्छरों से पनपने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले के सभी क्षेत्रों में फॉगिंग, एंटी-लार्वा दवाओं के छिड़काव और नालियों की सफाई का कार्य तत्काल तेज करने के निर्देश दिए। जलभराव वाले क्षेत्रों में तुरंत जल निकासी कराने और इसके कारणों की जांच कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
दस्तक अभियान के तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर क्षेत्र में घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित रोगियों की सूची तैयार करने के साथ आमजन को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में बेड, आवश्यक दवाइयों और जांच किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों को संचारी रोगों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
डीएम कविता मीना ने स्पष्ट किया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के हर नागरिक को सुरक्षित और स्वस्थ रखना है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।