हापुड़ कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में रानी लक्ष्मी बाई योजना की समीक्षा बैठक करते अधिकारी।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना’ के सफल और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता संयुक्त रूप से जिलाधिकारी हापुड़ और पुलिस अधीक्षक हापुड़ ने की। बैठक में पुलिस और प्रशासनिक विभागों के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान योजना के अंतर्गत आने वाले सभी प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों ने कहा कि जघन्य हिंसा और यौन उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को नियमानुसार समयबद्ध तरीके से आर्थिक एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर लंबित सभी मामलों की समीक्षा कर उन्हें जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक मदद तत्काल उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को हिदायत दी गई।

पुलिस अधीक्षक ने बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला अपराधों से जुड़े मामलों में पुलिस रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया बिना किसी देरी के पूरी की जाए, ताकि पीड़ितों को इस कोष के माध्यम से मिलने वाली राहत राशि प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।

बैठक के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद हापुड़ में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों तथा उनके सम्मान की रक्षा के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीम पूरी तरह मुस्तैद है। योजना के तहत लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और पात्र पीड़ितों को निर्धारित सहायता उपलब्ध कराने पर बैठक में विशेष जोर दिया गया।

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