हापुड़ में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, मतदेय स्थलों के संभाजन पर डीएम कविता मीना के कड़े निर्देश
मतदाता सुविधा को प्राथमिकता देते हुए 1500 से अधिक मतदाताओं वाले पोलिंग बूथों का पुनर्गठन होगा और 25 अक्टूबर तक निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
हापुड़ कलेक्ट्रेट सभागार में यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर मतदेय स्थलों के संभाजन एवं सुविधाओं की समीक्षा बैठक करतीं जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना व अन्य अधिकारी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के बीच हापुड़ में मतदेय स्थलों के संभाजन की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती कविता मीना ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदेय स्थलों का संभाजन मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए किया जाए, ताकि मतदान के दौरान किसी को असुविधा न हो और जनपद में मतदान प्रतिशत बढ़ाया जा सके।
इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना और अपर जिलाधिकारी श्री संदीप कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदेय स्थलों के संभाजन, भौतिक सत्यापन और मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, एक पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1500 मतदाता ही रखे जा सकते हैं। ऐसे में जिन मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक है, उनका अनिवार्य रूप से संभाजन यानी विभाजन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
जनपद की तीनों विधानसभा सीटों 58-हापुड़ (अ.जा.), 59-गढ़मुक्तेश्वर और 60-धौलाना के सभी मतदेय स्थलों का संबंधित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे। इस दौरान मतदेय स्थलों की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा, ताकि मतदान के लिए उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी मतदेय स्थलों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। इसके तहत रैंप, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर और छाया की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करनी होगी। जिन मतदान केंद्रों के भवन जर्जर स्थिति में हैं या जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, उनके स्थान पर तत्काल नए और सुरक्षित भवनों का प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मतदेय स्थलों के संभाजन से संबंधित अंतिम प्रस्ताव तैयार करने की समयसीमा भी निर्धारित की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर मान्यता प्राप्त दलों से आपत्तियां और सुझाव प्राप्त किए जाएं। इसके बाद अंतिम प्रस्ताव हर हाल में 25 अक्टूबर 2026 तक भारत निर्वाचन आयोग को भेजना होगा।
जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने कहा कि मतदेय स्थलों का संभाजन मतदाताओं की सहूलियत को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाताओं को वोट डालने में कोई असुविधा न हो और जनपद में मतदान का प्रतिशत बढ़े। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत अब मतदेय स्थलों का सत्यापन, आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और संभाजन संबंधी प्रस्ताव तय समयसीमा में पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है।