तस्वीर में हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण के दौरान डेयरी परिसर का आंतरिक दृश्य नजर आ रहा है।   

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में मिलावटखोरों और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन के निर्देश पर गठित सचल दल ने शुक्रवार को विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान स्वर्ग आश्रम रोड स्थित मानसी एंटरप्राइजेज में अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार की जा रही करीब 2 क्विंटल कच्ची सोया चाप नष्ट कराई गई और प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया गया। वहीं, श्यामपुर रोड, ददायरा स्थित रविन्द्रा डेयरी से खोया, पनीर, दूध और घी के चार नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

गुप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्वर्ग आश्रम रोड स्थित मानसी एंटरप्राइजेज पर औचक छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में चाप तैयार की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर तैयार लगभग 2 क्विंटल कच्ची चाप को नष्ट करवा दिया। नष्ट की गई चाप की बाजार कीमत करीब 12,000 रुपये आंकी गई है। प्रतिष्ठान में पाई गई गंभीर कमियों को देखते हुए अधिकारियों ने इसे तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया। इसके साथ ही चाप का एक नमूना भी जांच के लिए संग्रहित किया गया।

इससे पहले सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने श्यामपुर रोड, ददायरा स्थित रविन्द्रा डेयरी पर छापा मारा। मिलावट की आशंका को देखते हुए टीम ने डेयरी से कुल चार नमूने संग्रहित किए। इनमें खोया का एक, पनीर का एक, दूध का एक और घी का एक नमूना शामिल है। सभी नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है। इसके अलावा, डेयरी परिसर में निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए विभाग की ओर से सुधार सूचना भी जारी की गई है।

यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ और हापुड़ जिलाधिकारी के आदेश पर की गई। पूरी कार्रवाई का नेतृत्व सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय चन्द्र शेखर मिश्र ने किया। सचल दल में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार सिंह, मोहित कुमार और सुश्री सहरिश सादात शामिल रहे।

सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय चन्द्र शेखर मिश्र ने बताया कि संग्रहित किए गए सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहारों और आम जनमानस की सेहत को ध्यान में रखते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर होने वाली कार्रवाई से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर विभाग का अगला कदम तय होगा।

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