खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हापुड़ के भटियाना गांव में अवैध मावा फैक्ट्री पर छापेमारी कर कार्रवाई की।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में त्योहारों से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी मावा तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। बुलंदशहर रोड स्थित भटियाना गांव के जंगल में चल रही इस फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान करीब 5 क्विंटल (500 किलोग्राम) मिलावटी मावा और दूध बरामद किया गया। भारी गंदगी के बीच तैयार किए जा रहे इन खाद्य पदार्थों को विभाग की टीम ने मौके पर ही नष्ट करा दिया। आशंका थी कि इस मिलावटी मावे को आगामी त्योहारों के दौरान बाजार में खपाया जाना था।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज राय के मुताबिक, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी (डीओ) चंद्रशेखर मिश्रा के नेतृत्व में विभाग की टीम ने देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर औचक छापेमारी की। विभाग को सूचना मिली थी कि भटियाना गांव के सुनसान जंगल में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक और मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम मौके पर पहुंची, जहां अवैध रूप से मावा बनाने का काम चल रहा था।

जांच के दौरान सामने आया कि जंगल के अंदर कुल चार बड़ी भट्टियां लगाकर मावा तैयार किया जा रहा था। शुद्ध दूध के बजाय मावा बनाने में वनस्पति घी, रिफाइंड ऑयल और मिल्क पाउडर सहित हानिकारक चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस तरह तैयार किए जा रहे मावे की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने आए।

फैक्ट्री में स्वच्छता की स्थिति भी बेहद खराब मिली। तैयार मावे को खुले आसमान के नीचे जमीन पर भारी गंदगी के बीच फैलाकर रखा गया था। इससे उसमें मक्खियों, धूल और संक्रमण के कारण दूषित होने का खतरा बना हुआ था। त्योहारों के मद्देनजर इस मावे को बाजारों में खपाने की तैयारी थी, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा हो सकता था।

छापेमारी के दौरान टीम ने मुख्य आरोपी की पहचान कलुवा (पुत्र नूर मोहम्मद) के रूप में की। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास खाद्य पदार्थों के निर्माण या भंडारण से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या पंजीकरण नहीं था।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर मिले करीब 5 क्विंटल मिलावटी मावे और दूध को नष्ट करा दिया, ताकि इन्हें बाजार तक पहुंचने से रोका जा सके। इसके साथ ही मावे और दूध के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों से पहले हुई इस कार्रवाई में अवैध खाद्य निर्माण, मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने का मामला सामने आया है।

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