तस्वीर में जिला एवं सत्र न्यायालय हापुड़ का मुख्य द्वार और हिंदी में लिखा बोर्ड दिखाई दे रहा है।

अदालत ने हापुड़ पुलिस की प्रभावी पैरवी और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अवैध तमंचा रखने के पुराने मामले में मेरठ निवासी दीपक को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त को 02 महीने और 09 दिन की जेल की सजा दी, जितनी अवधि वह पहले ही जेल में बंद रह चुका था। इसके साथ ही उस पर 1,000 रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया।

यह मामला वर्ष 2013 का है। गढ़मुक्तेश्वर थाना पुलिस ने अभियुक्त दीपक के पास से एक अवैध तमंचा बरामद किया था। इस संबंध में पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 143/2013 के तहत धारा 25 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया था।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए तथा समय से आरोप पत्र माननीय न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई न्यायालय में हुई।

सुनवाई के दौरान हापुड़ पुलिस के पैरवी सेल ने गवाही और साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के बीच अभियुक्त दीपक ने अदालत के सामने अपना जुर्म इकबाल कर लिया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय न्यायालय ने अभियुक्त दीपक को 02 महीने और 09 दिन, यानी जितने समय वह जेल में बंद रहा, उतनी अवधि की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी पर 1,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया।

दोषी अपराधी दीपक पुत्र रामपाल, ग्राम अकबरपुर, थाना हस्तिनापुर, जनपद मेरठ का निवासी है।

हापुड़ पुलिस प्रशासन के अनुसार अपराधियों को सजा दिलाने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए न्यायालय में लंबित मामलों की इसी तरह प्रभावी पैरवी आगे भी जारी रहेगी।

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