ऑपरेशन थिएटर से एसडीएम की कुर्सी तक: दिल्ली के नेत्र सर्जन डॉ. शशी शेखर बने अलीगंज के नए उपजिलाधिकारी
एटा के अलीगंज में 2022 बैच के पीसीएस अधिकारी डॉ. शशी शेखर ने एसडीएम का पदभार संभाला। जानिए नेत्र सर्जन से प्रशासनिक अधिकारी बनने तक का उनका सफर।
तस्वीर में अलीगंज तहसील कार्यालय में नवागत उपजिलाधिकारी डॉ. शशी शेखर पदभार ग्रहण करने के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेते नजर आ रहे हैं।
एटा जनपद में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई उपजिलाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसी क्रम में 2022 बैच के पीसीएस अधिकारी डॉ. शशी शेखर को अलीगंज तहसील का नया उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें कृषि उत्पादन मंडी समिति अलीगंज के सभापति का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। चिकित्सा सेवा से प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर इस नियुक्ति के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है।
गुरुवार को डॉ. शशी शेखर ने तहसील अलीगंज पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने तहसील परिसर का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय प्राप्त कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उनके आगमन के साथ ही तहसील प्रशासन में नई कार्यशैली और बेहतर प्रशासनिक समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. शशी शेखर ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि तहसील में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुना जाएगा और उसका समयबद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से भूमि विवादों का त्वरित निस्तारण, न्यायालयों में लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान तथा आम जनता को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत दिलाना उनकी कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा रहेगा।
नवागत एसडीएम ने बताया कि वह शीघ्र ही सभी राजस्व अधिकारियों, कानूनगो, लेखपालों एवं अन्य अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में लंबित प्रकरणों, जन शिकायतों के निस्तारण, कानून-व्यवस्था, राजस्व कार्यों तथा शासन की प्राथमिकताओं की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
डॉ. शशी शेखर का प्रशासनिक सफर चिकित्सा सेवा से शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि पीसीएस में चयन से पहले वह दिल्ली में नेत्र (आंख) रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन के रूप में कार्यरत थे। स्वास्थ्य विभाग में रहते हुए उन्होंने अनेक मरीजों का उपचार किया और चिकित्सा सेवा के माध्यम से समाज की सेवा की। उनकी शैक्षणिक योग्यता पीजी इन ऑप्थैल्मोलॉजी (PG Ophthalmology) है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के रूप में मरीजों की सेवा करते समय जो संवेदनशीलता और जिम्मेदारी उन्होंने सीखी, वही भावना अब प्रशासनिक कार्यों में भी दिखाई देगी।
उन्होंने बताया कि 2022 बैच के पीसीएस अधिकारी के रूप में चयन होने के बाद उन्हें 1 अप्रैल 2023 को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। इसके बाद 1 अप्रैल 2023 से 1 मार्च 2024 तक उन्होंने बाराबंकी में डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्य किया। इसके उपरांत 2 मार्च 2024 से 14 जुलाई 2026 तक अंबेडकर नगर में डिप्टी कलेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दीं। 14 जुलाई 2026 को उनका स्थानांतरण एटा जनपद के लिए हुआ और 15 जुलाई 2026 को उन्होंने एटा में अपना योगदान दिया। अब जिलाधिकारी अरविंद सिंह द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल के बाद उन्हें अलीगंज तहसील का उपजिलाधिकारी बनाया गया है।
दिल्ली निवासी डॉ. शशी शेखर ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि अलीगंज तहसील में प्रशासन पूरी तरह जनकेंद्रित और जवाबदेह बने। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना, शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "प्रशासन का उद्देश्य जनता को राहत देना है। हर फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना जाएगा और उसका समाधान नियमानुसार तथा समयबद्ध तरीके से कराया जाएगा।"
डॉ. शशी शेखर की नियुक्ति को अलीगंज तहसील के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है। चिकित्सा और प्रशासन, दोनों क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले अधिकारी से क्षेत्र के लोगों को बेहतर, संवेदनशील और प्रभावी प्रशासन की उम्मीद है।