चंदौली में नाबालिग छात्रा को बनाया बंधक, हाथ-पैर बांध आरओ प्लांट में किया बंद
चंदौली में नाबालिग छात्रा को आरओ प्लांट में हाथ-पैर बांधकर बंद करने का मामला सामने आया। पुलिस ने ताला तोड़कर छात्रा को मुक्त कराया।
तस्वीर में चंदौली के शहाबगंज थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा बचाई गई नाबालिग छात्रा से बातचीत करते पुलिस अधिकारी नजर आ रहे हैं.
चंदौली के शहाबगंज थाना क्षेत्र में बुधवार को एक नाबालिग छात्रा को कथित तौर पर बंधक बनाए जाने की घटना से हड़कंप मच गया। स्कूल से घर लौटने के बाद परचून का सामान लेने निकली नौवीं कक्षा की छात्रा अचानक लापता हो गई। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे, तभी एक आरओ प्लांट के भीतर से रोने की आवाज सुनाई दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्लांट का ताला तोड़कर छात्रा को बाहर निकाला। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे।
जानकारी के मुताबिक, नौवीं कक्षा की छात्रा स्कूल से लौटने के बाद परचून का सामान लेने के लिए घर से निकली थी। काफी देर तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उन्हें आरओ प्लांट के अंदर से किसी के रोने की आवाज सुनाई दी। संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस मौके पर पहुंची तो आरओ प्लांट का दरवाजा बाहर से बंद मिला। दरवाजा खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वहां छात्रा हाथ-पैर बंधी हुई मिली। पुलिस ने तत्काल उसे मुक्त कराया। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
पुलिस के अनुसार, छात्रा ने पूछताछ में बताया कि पांच लोगों ने उसे पकड़कर बंधक बनाया था। अब पुलिस छात्रा के बयान, परिजनों की तहरीर और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
मामले में ₹15 हजार के कथित उधार विवाद को घटना की वजह बताए जाने की बात भी सामने आई है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पुलिस की जांच पूरी होने तक इस दावे को आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा को आरओ प्लांट तक कैसे लाया गया, उसे कितनी देर तक बंधक रखा गया और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी। परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना ने नाबालिग छात्रा की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।