चंदौली में फिर सक्रिय हुआ शराब तस्करी नेटवर्क? RPF इनपुट पर 46.72 लीटर शराब के साथ चार गिरफ्तार

चंदौली में आरपीएफ इनपुट पर 46.72 लीटर अवैध शराब के साथ चार आरोपी गिरफ्तार हुए। पूछताछ में बिहार तक तस्करी के नेटवर्क को लेकर अहम खुलासा सामने आया।

Update: 2026-07-28 07:39 GMT

चंदौली के अलीनगर थाने के सामने पुलिसकर्मियों के साथ खड़े चार आरोपी और उनके पास से जब्त किए गए बैग, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लिया है।

चंदौली में अलीनगर थाना पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 46.72 लीटर अवैध देशी और अंग्रेजी शराब के साथ चार लोगों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर इस बात के संकेत दिए हैं कि चंदौली होकर बिहार तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क फिर सक्रिय हो चुका है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ट्रेनों के जरिए शराब बिहार ले जाकर ऊंचे दामों पर बेचने की बात स्वीकार कर रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक आरपीएफ से प्राप्त इनपुट के आधार पर लोको कॉलोनी स्थित लोको ग्राउंड के पास चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से कुल 46.72 लीटर अवैध देशी और अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इस मामले में थाना अलीनगर पर आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे विभिन्न शराब दुकानों से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में शराब खरीदकर उसे इकट्ठा करते थे और ट्रेनों के माध्यम से बिहार ले जाकर अधिक कीमत पर बेचते थे। आरोपियों के इस खुलासे से संकेत मिलता है कि शराब की तस्करी सुनियोजित तरीके से की जा रही थी।

हाल के महीनों में चंदौली पुलिस द्वारा कई बड़ी शराब बरामदगी की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद लगातार हो रही बरामदगियां यह सवाल भी खड़ा करती हैं कि क्या तस्करी के बड़े नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं और कार्रवाई मुख्यतः शराब ढोने वाले कैरियरों तक ही सीमित रह जा रही है। हालांकि इसका निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

चंदौली की भौगोलिक स्थिति और बिहार की सीमा से रेल एवं सड़क संपर्क को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि केवल छिटपुट कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। आवश्यकता इस बात की है कि पुलिस, आबकारी विभाग, आरपीएफ और जीआरपी संयुक्त रूप से लगातार अभियान चलाएं। रेलवे स्टेशन, ट्रेनों, बस अड्डों और सीमा से जुड़े संवेदनशील मार्गों पर नियमित संयुक्त चेकिंग से ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

यदि यह अभियान लगातार और समन्वित तरीके से चलाया जाता है तो न केवल शराब तस्करी के कैरियर बल्कि इसके पीछे काम करने वाले बड़े सप्लायर, अपनी दुकानों से तस्करों को अवैध तरीके से शराब बेचने वाले और उनके पूरे नेटवर्क का भी पर्दाफाश होने की संभावना बढ़ सकती है।

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