मथुरा में ब्रज रज उत्सव 2026 की शुरुआत, हेमा मालिनी की प्रस्तुति बनेगी आकर्षण
23 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित होने वाले उत्सव का उद्देश्य ब्रज की लोक कला, भक्ति परंपरा और क्षेत्रीय उत्पादों को बढ़ावा देना है।
मथुरा में 23 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित होने वाला ‘ब्रज रज उत्सव 2026’ ब्रज की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, भक्ति और कला को व्यापक मंच प्रदान करेगा। योगी सरकार की पहल पर आयोजित इस उत्सव में हेमा मालिनी की ‘नृत्य नाटिका गंगा’ समेत नृत्य, नाटक और रासलीला की प्रस्तुतियां होंगी। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ स्थानीय लोक कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उत्सव का औपचारिक उद्घाटन 24 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और सांसद हेमा मालिनी करेंगी।
‘संस्कृति, भक्ति, कला और ब्रज की पहचान’ थीम पर आधारित इस उत्सव का उद्देश्य ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, संगीत, नाट्य कला और लोक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने तथा उनकी कला और उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ब्रज की भक्ति परंपरा और कलात्मक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। वृंदावन के स्वामी हरिदास जी प्रेक्षागृह में सांसद हेमा मालिनी की ‘नृत्य नाटिका गंगा’ के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत होगी। इसके अलावा सौरभ राज जैन ‘मेरे कृष्ण’ नाटक प्रस्तुत करेंगे। गीता शोध संस्थान और रासलीला अकादमी, वृंदावन की ओर से रासलीला का आयोजन किया जाएगा, जबकि शिवानी मिश्रा ‘कलर्स ऑफ यूपी’ की प्रस्तुति देंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कलाओं को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
ब्रज रज उत्सव में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले कलाकारों के साथ स्थानीय लोक कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं की भागीदारी भी रहेगी। इससे ब्रज की लोक कला, लोक संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों को सामने लाने का अवसर मिलेगा। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और क्षेत्र की विरासत को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा उत्सव में शिल्प मेला, फूड कोर्ट, झूले और जॉय राइड्स भी आकर्षण का हिस्सा होंगे। यहां स्वयं सहायता समूहों, खादी ग्रामोद्योग तथा प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) और ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजनाओं के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और क्षेत्रीय व्यंजनों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
उत्सव के माध्यम से स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह ब्रज रज उत्सव 2026 सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित करने का माध्यम बनेगा। 23 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस आयोजन में भक्ति, लोक संस्कृति और कला के साथ क्षेत्रीय उत्पादों को भी प्रमुखता मिलेगी।