वीर तेजाजी जाट समाज की बैठक में बड़े फैसले, विवाह में फिजूलखर्ची पर रोक
खेरोदा में वीर तेजाजी जाट समाज की बैठक में शिक्षा, विवाह और सामाजिक सुधार को लेकर कई निर्णय लिए गए। विवाह में सोना-चांदी की सीमा, प्री वेडिंग शूट पर रोक और विवाद निपटारे की व्यवस्था तय हुई।
वीर तेजाजी जाट समाज की सामाजिक बैठक में समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने और समाज को नई दिशा देने के उद्देश्य से पंचायती स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। बैठक 15 सितंबर 2026 को लुनदा महादेव में लाल चंद जाट की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। समाज के पंचों ने निर्णय लिया कि उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और उच्च प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले समाज के होनहार बालक-बालिकाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाना है।
विवाह समारोहों में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए भी निर्णय लिए गए। विवाह संस्कारों में सादगी अपनाने और दिखावे पर लगाम लगाने के तहत शादी में चढ़ावे के रूप में अधिकतम 9 तोला सोना और 1 किलो चांदी ही स्वीकार्य होगी। चिड़ी में दो वेष ही रखने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अनावश्यक शोर-शराबे और विवादों से बचने के लिए शादी में प्री वेडिंग शूट एवं आशीर्वाद समारोह बंद करने का निर्णय लिया गया।
वैवाहिक और पारिवारिक विवादों के निपटारे के लिए भी विशेष व्यवस्था तय की गई। शादी के बाद दोनों पक्षों में किसी प्रकार का मनमुटाव या विवाद होने पर पहले दोनों पक्ष आपस में बैठकर बातचीत से मसला सुलझाएंगे। आपसी बातचीत से समाधान नहीं निकलने पर दोनों पक्षों के स्थानीय पंच और सरपंच मिलकर सुलह कराएंगे। इसके बाद भी बात नहीं बनने पर समाज के पंचों और अध्यक्ष के संज्ञान में मामला लाने के बाद ही कानूनी प्रक्रिया की अनुमति दी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य परिवारों को अनावश्यक कोर्ट-कचहरी के चक्करों से बचाना है।
सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन के तहत शादी-ब्याह तथा मृत्यु और शोक कार्यक्रमों में हर तरह के नशा-पान के वितरण पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। मृत्यु से जुड़े रीति-रिवाजों में भी सुधार का निर्णय हुआ। बारहवें की रस्म में पेहरावणी ससुराल व माता की होगी, जबकि अन्य दिखावे को बंद करने का फैसला लिया गया। भोजन की व्यवस्था को एक समय तक सीमित रखने तथा बहु-बेटियों की रस्मों में सादगी बरतने पर भी सर्वसम्मति से निर्णय हुआ।
बैठक के अंत में स्पष्ट किया गया कि समाज के सभी बंधुओं को इन सामाजिक सुधार नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा। बैठक में समाज की अगली बैठक मगरिया बावजी चारगडिया में आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया।