तस्वीर में खेरवाड़ा स्थित मेवाड़ भील कोर (एमबीसी) के नर्सरी परिसर में विकसित किया गया हरा-भरा ऑक्सीजन हब और लगाए गए नए पौधे दिखाई दे रहे हैं।

खेरवाड़ा स्थित मेवाड़ भील कोर (एमबीसी) के नर्सरी परिसर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय पहल सामने आई है। अधिकारियों और जवानों के सामूहिक प्रयासों से वर्ष 2025-26 में करीब 8 हजार पौधों का रोपण कर लगभग 5 बीघा क्षेत्र में विशाल ऑक्सीजन हब विकसित किया गया है। अब यह परिसर तेजी से विकसित होकर हरियाली से भर गया है और पर्यावरण संरक्षण के साथ परिसर की सुंदरता में भी योगदान दे रहा है।

एमबीसी परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनमें शहतूत, आंवला, मोरिंगा (सहजन), नीम, पीपल, अमरूद, अनार और महुआ सहित अनेक फलदार, औषधीय एवं छायादार पौधे शामिल हैं। बड़ी संख्या में लगाए गए पौधों के विकसित होने से पूरा क्षेत्र हरे-भरे परिसर में तब्दील हो गया है।

इस पर्यावरणीय पहल में कमांडेंट निरंजन चरण का विशेष योगदान रहा। वहीं, एमबीसी खेरवाड़ा से स्थानांतरित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं डिप्टी कमांडेंट एमबीसी खेरवाड़ा कैलाश चंद्र खटीक का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

एमबीसी के अधिकारियों और जवानों ने केवल पौधरोपण तक ही पहल को सीमित नहीं रखा, बल्कि पौधों की देखभाल और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया। इसी का परिणाम है कि लगाए गए पौधे अब तेजी से विकसित होकर परिसर को हरित स्वरूप प्रदान कर रहे हैं।

करीब 5 बीघा क्षेत्र में तैयार यह ऑक्सीजन हब पर्यावरण संरक्षण, हरियाली विस्तार और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय उदाहरण बनकर उभरा है।

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