मावली: पलाना कलां में सार्वजनिक भूमि पर फिर से अवैध निर्माण शुरू

मावली के पलाना कलां में हनुमान मंदिर के पास सरकारी जमीन पर दोबारा अतिक्रमण के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।

Update: 2026-07-01 14:18 GMT

मावली के पलाना कलां ग्राम पंचायत क्षेत्र में हनुमान मंदिर के निकट स्थित सार्वजनिक आबादी भूमि एक बार फिर अतिक्रमण की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। पांच वर्ष पूर्व प्रशासनिक सख्ती के बाद मुक्त कराई गई इस भूमि पर पुनः अवैध निर्माण की आहट ने न केवल स्थानीय निवासियों को हैरान कर दिया है, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले की गंभीरता तब उजागर हुई जब स्थानीय निवासी महेंद्र जाट ने इस अतिक्रमण के विरुद्ध आवाज बुलंद की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिस भूमि को प्रशासन ने लंबी जद्दोजहद के बाद अतिक्रमण मुक्त कराया था, उसी स्थान पर अब पुनः निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। महेंद्र जाट के अनुसार, उन्होंने इस अवैध गतिविधि की सूचना समय रहते ग्राम पंचायत को दी थी, परंतु प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। ग्राम विकास अधिकारी से संपर्क न हो पाने की स्थिति में उन्होंने अपनी लिखित शिकायत विकास अधिकारी, पंचायत समिति एवं सरपंच को डिजिटल माध्यम से प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

अपनी शिकायत में उन्होंने सार्वजनिक भूमि को निजी स्वार्थ से बचाने के लिए मौके पर तत्काल जांच करने, जारी निर्माण कार्य को रुकवाने और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है, जिनकी निगाहें अब प्रशासनिक अमले की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जब मावली के विकास अधिकारी शैलेंद्र पी. खींची से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि यह विषय उनके ध्यान में आया है और वे स्वयं कल सुबह मौके पर जाकर वस्तुस्थिति की जांच करेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन का यह आश्वासन अतिक्रमणकारियों के हौसले पस्त कर पाता है या फिर सार्वजनिक भूमि का यह विवाद एक बार फिर फाइलों में ही दबकर रह जाता है। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर प्रशासनिक कार्रवाई के कुछ वर्षों बाद ही अतिक्रमणकारी पुनः सक्रिय क्यों हो जाते हैं।

Tags:    

Similar News