ईन्टाली गौशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया पारिजात का पौधारोपण

श्री हनुमान बालाजी गौशाला चैरिटेबल ट्रस्ट परिसर में पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ दुर्लभ औषधीय पौधा पारिजात लगाया गया।

Update: 2026-07-01 13:35 GMT

तस्वीर में दिख रही गौशाला परिसर की खुली जगह पर चार लोग हाथों में छोटा पारिजात का पौधा थामे खड़े हैं।

ईन्टाली स्थित श्री हनुमान बालाजी गौशाला चैरिटेबल ट्रस्ट के गौधाम परिसर में समुद्र मंथन से निकले दुर्लभ पारिजात पौधे का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पौधारोपण किया गया। यह आयोजन पंडित प्रेम शंकर पुष्करना के 58वें वर्ष के जन्मदिवस के पावन अवसर पर संपन्न हुआ, जिसमें धार्मिक और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

डॉ. ललित नारायण आमेटा ने बताया कि पंडित प्रेम शंकर पुष्करना के जन्मदिवस के अवसर पर गौधाम परिसर में पारिजात का पौधा लगाया गया तथा उसकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी स्थापित किया गया। पौधारोपण कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ, जिससे आयोजन का आध्यात्मिक वातावरण और अधिक पावन बन गया।

इस अवसर पर केशुराम पुष्करणा, कालू लाल पीपाड़ा, गौशाला के अध्यक्ष शोभा लाल जणवा, भीलुराणा दोला भील, गणेश, शंकर सहित अन्य उपस्थित रहे। सभी ने पारिजात पौधे के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लिया।

डॉ. आमेटा ने बताया कि पारिजात एक महत्वपूर्ण औषधीय पादप है। इसके फूल अत्यंत सुगंधित होते हैं, जो आसपास के वातावरण को सुगंधमय बनाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन से प्राप्त यह दुर्लभ पौधा भारतीय संस्कृति और प्रकृति संरक्षण दोनों की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। गौधाम परिसर में इसका पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण, औषधीय महत्व और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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