महावीर इंटरनेशनल दरीबा की अनूठी पहल, ‘सुकून की छांव’ प्रोजेक्ट से फल विक्रेताओं को मिली राहत
महावीर इंटरनेशनल दरीबा ने ‘सुकून की छांव’ अंब्रेला प्रोजेक्ट के तहत दरीबा चौराहे पर दो फल विक्रेताओं को स्टैंड सहित चार फीट व्यास के मजबूत छाते वितरित किए। छातों पर संस्था के सेवा प्रकल्पों का सचित्र चित्रण भी किया गया।
दरीबा चौराहे पर स्ट्रीट वेंडर्स को राहत देने के लिए छाते वितरित करते महावीर इंटरनेशनल के पदाधिकारी।
खुले में फल बेचकर आजीविका चलाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को धूप से राहत दिलाने के लिए महावीर इंटरनेशनल दरीबा ने ‘सुकून की छांव’ अंब्रेला प्रोजेक्ट के तहत पहल की है। संस्था की ओर से दरीबा चौराहे पर दो फल विक्रेताओं को स्टैंड सहित चार फीट व्यास के मजबूत छाते वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य विक्रेताओं को राहत पहुंचाने के साथ समाज में सेवा, सहयोग और जनजागरूकता की भावना को बढ़ावा देना है।
महावीर इंटरनेशनल दरीबा की इस पहल के तहत सड़क किनारे फल एवं अन्य सामग्री बेचकर अपनी आजीविका चलाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को खुले स्थानों पर काम करने के दौरान धूप से बचाव के लिए छाते उपलब्ध कराए गए। लंबे समय तक खुले में काम करने वाले विक्रेताओं के लिए ये छाते उपयोगी साबित होंगे।
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह रही कि वितरित किए गए छातों पर संस्था के विभिन्न स्थायी सेवा प्रकल्पों का सचित्र चित्रण किया गया है। इनमें पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं वात्सल्य प्रोजेक्ट सहित अन्य सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। छातों के माध्यम से आमजन तक संस्था के सेवा कार्यों की जानकारी पहुंचाने और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में महावीर इंटरनेशनल के संभागीय अध्यक्ष निर्मल सिंघवी, पूर्व अध्यक्ष प्रकाश सिंघवी, अध्यक्ष शौकीन बाबेल, उपाध्यक्ष जयेश गोखरू, राहुल राजपुरोहित एवं शौकीन सुराणा सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने इस पहल को सेवा भावना से जुड़ा प्रयास बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्य जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर टोनी वैष्णव एवं कौशल बंसल ने संस्था की सदस्यता ग्रहण करने के लिए निवेदन किया। उपस्थित सदस्यों ने उनका स्वागत किया और प्रसन्नता व्यक्त की।
महावीर इंटरनेशनल दरीबा ने भविष्य में भी जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने तथा सामाजिक एवं मानवीय सेवा से जुड़े कार्यों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। ‘सुकून की छांव’ अंब्रेला प्रोजेक्ट के माध्यम से संस्था ने स्ट्रीट वेंडर्स को धूप से राहत देने के साथ अपने सेवा प्रकल्पों को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।