गुरु पूर्णिमा पर श्री रूद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ में गुरु पूजन, महंत भारत भूषण ने दिया आध्यात्मिक मार्गदर्शन

खैरवाड़ा के श्री रूद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ में गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजन हुआ। महंत भारत भूषण के आशीर्वचन के बीच श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना की।

Update: 2026-07-29 07:59 GMT

तस्वीर में (बाएं से दाएं) पीठाधीश्वर महंत भारत भूषण और गुरुदेव कृष्णगोपाल जोशी खैरवाड़ा के श्री रूद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ मंदिर में माता की प्रतिमा के सामने बैठे हुए हैं।

खैरवाड़ा के प्राचीन दुर्ग स्थित श्री रूद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर महंत भारत भूषण एवं गुरुदेव कृष्णगोपाल जोशी का शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने विधिवत गुरु पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं गुरु वंदना के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने माला, पगड़ी, उपरणा, माता की चुनरी, पुष्प, वस्त्र एवं यथाशक्ति दक्षिणा अर्पित कर अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर “अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया...”, “हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहिं ठौर” तथा “अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्...” सहित गुरु महिमा से जुड़े भजनों एवं श्लोकों का भावपूर्ण गायन किया गया।

अपने आशीर्वचन में पीठाधीश्वर महंत भारत भूषण ने कहा कि गुरु का सान्निध्य मनुष्य को जीवन के प्रत्येक कठिन मोड़ पर सही मार्ग और सही निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति आध्यात्मिक एवं सामाजिक जीवन में सफलता प्राप्त कर सकता है।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण भी किया गया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अलसुबह से ही शक्तिपीठ में शिष्य एवं भक्तों की आवाजाही बनी रही, जिससे पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण छाया रहा। आयोजन श्रद्धा, गुरु भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ।

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