खेरवाड़ा में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने 11 सूत्रीय मांगों का तत्काल समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। मोबाइल डेटा उपलब्ध कराने, डीपीसी तथा अन्य लंबित मांगों के निस्तारण की मांग को लेकर संगठन की ओर से अलग-अलग स्तरों पर विरोध दर्ज कराने का कार्यक्रम जारी किया गया है।

आंदोलन के प्रथम चरण में 31 अगस्त 2026 को सभी सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद 1 सितंबर 2026 से राज्य के सभी कृषि पर्यवेक्षक, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक एवं पदोन्नत सहायक कृषि अधिकारियों ने समस्त सरकारी व्हाट्सऐप ग्रुप से लेफ्ट होने का निर्णय लिया है।

इसी क्रम में 1 सितंबर से गैर-कृषि कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। कृषि विस्तार के साथियों की ओर से भी 1 सितंबर से उद्यान विभाग के समस्त कार्यों के बहिष्कार की घोषणा की गई है।

आंदोलन के अगले चरण में 2 सितंबर 2026 को जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा। वहीं, 8 सितंबर 2026 से समस्त ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। इसमें ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग का कार्य भी शामिल रहेगा।

संगठन के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूरजमल मनात ने कहा कि कृषि विभाग के कार्मिकों की 11 सूत्रीय मांगों का शीघ्र समाधान किया जाना आवश्यक है। मांगों में मोबाइल डेटा उपलब्ध कराने सहित विभागीय कार्यों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का समाधान, डीपीसी सहित लंबित मांगों का निस्तारण शामिल है।

संगठन ने मांगों को स्वीकार कर कृषि विस्तार व्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों के हित में आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 अगस्त से शुरू होने वाला आंदोलन 8 सितंबर 2026 से ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार तक चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ेगा।

Tags: