खेरवाड़ा: NH-927A पर जलभराव से बढ़ी परेशानी, नाली बंद होने से सड़क पर फैला गंदा पानी
फतेह टावर से ढलान तक पानी जमा होने से वाहन चालकों और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को हो रही है भारी असुविधा।
खेरवाड़ा में NH-927A पर नाली बंद होने से सड़क पर गंदा पानी भरा, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
खेरवाड़ा से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-927ए पर बीएसएनएल कार्यालय के सामने गंदे पानी का जलभराव वाहन चालकों, पैदल राहगीरों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और आसपास के दुकानदारों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। फतेह टावर से लेकर ढलान वाले पूरे मार्ग का पानी बहकर यहां जमा हो रहा है, जिससे सड़क पर आवागमन करना मुश्किल हो गया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ माह पूर्व संबंधित फर्म की ओर से जेसीबी की सहायता से खुदाई करवाकर पानी की निकासी की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, कुछ लोगों द्वारा नाली बंद कर दिए जाने से पानी की निकासी बाधित हो गई। इसके चलते गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है और जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है।
गंदे पानी की चपेट में आने वाले दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की परेशानी भी बढ़ रही है। इस समस्या से पीड़ित दोपहिया वाहन चालक शिवकुमार जोशी ने बताया कि इस मार्ग से गुजरने वाले बड़े वाहन चालक कई बार पानी भरे हिस्से में भी गति कम नहीं करते। इससे सड़क पर जमा गंदा पानी उछलकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों पर गिरता है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भी प्रतिदिन इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सड़क किनारे स्थित दुकानदारों को भी गंदे पानी के भराव के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।
सड़क पर लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। वर्तमान में पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया जारी है। इस मार्ग से विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों का भी लगातार आवागमन होता रहता है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभाग से मांग की है कि समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर बंद नाली को खुलवाया जाए और पानी की समुचित निकासी के लिए विधिवत नाली का निर्माण करवाया जाए। उन्होंने सड़क पर जमा गंदे पानी को हटाने के साथ भविष्य में जलभराव रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग भी की है। इससे वाहन चालकों, विद्यार्थियों, पैदल राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को राहत मिल सकेगी।