पंचायती राज चुनाव की तैयारी तेज, खेरवाड़ा में भाजपा ने तिरंगा यात्रा की रणनीति पर की बैठक
खेरवाड़ा में भाजपा की बैठक में आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों और 13 अगस्त की तिरंगा यात्रा को लेकर रणनीति बनाई गई। पदाधिकारियों व वार्ड प्रभारियों को जिम्मेदारियां और दिशा-निर्देश दिए गए।
तस्वीर में खेरवाड़ा के डाक बंगला में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की बैठक के दौरान कुर्सियों पर बैठकर चर्चा करते हुए पदाधिकारी और कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं।
खेरवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी विधानसभा क्षेत्र खेरवाड़ा के समस्त मंडलों के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, मंडल पदाधिकारियों तथा पंचायत समिति वार्ड प्रभारियों की आवश्यक बैठक बुधवार को डाक बंगला खेरवाड़ा में आयोजित हुई। बैठक में आगामी पंचायती राज चुनाव और 13 अगस्त को आयोजित होने वाली तिरंगा यात्रा को लेकर संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा की गई।
बैठक में पूर्व विधायक नानालाल अहारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही 13 अगस्त को होने वाली तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को आवश्यक जिम्मेदारियां एवं दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखने तथा आगामी चुनावों को लेकर प्रभावी रणनीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। पदाधिकारियों एवं पंचायत समिति वार्ड प्रभारियों से तिरंगा यात्रा में सक्रिय सहभागिता करते हुए इसे सफल बनाने का आह्वान किया गया।
बैठक में पूर्व प्रधान अमृतलाल डामोर, भाजपा देहात जिला मंत्री अमित कलाल एवं लक्ष्मी अहारी, मंडल महामंत्री भूपेंद्र कलाल एवं विक्रांत कोठारी, वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी बजरंग अग्रवाल एवं पारस जैन, नयागांव मंडल अध्यक्ष दुर्गा भगोरा एवं महामंत्री मुकेश गामोठ, कनबई मंडल अध्यक्ष नवीन रावल, महिला मोर्चा जिला पदाधिकारी नयना पंचोली, मंडल उपाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल एवं बदामी लाल सुथार, मंडल कोषाध्यक्ष नरेश अग्रवाल, पूर्व उप प्रधान हलुराम, नगर अध्यक्ष ओम व्यास, युवा नेता राजेंद्र खराड़ी एवं प्रहलाद भाटिया सहित कई पदाधिकारी एवं सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन एवं आभार प्रदर्शन भाजपा खेरवाड़ा मंडल अध्यक्ष हेमंत मेहता ने किया। बैठक में आगामी पंचायती राज चुनाव की तैयारियों के साथ 13 अगस्त की तिरंगा यात्रा को लेकर संगठनात्मक जिम्मेदारियों को अंतिम रूप देने पर जोर रहा।