खेरोदा में मंगलवार दोपहर हुई बारिश के बाद मुख्य मार्ग जलमग्न हो गए।

खेरोदा में मंगलवार दोपहर तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जहां भीषण उमस और गर्मी से राहत दिलाई, वहीं जलभराव ने कस्बे की निकासी व्यवस्था की स्थिति उजागर कर दी। बारिश से प्रमुख मार्ग जलमग्न हो गए और खेतों में पककर तैयार खड़ी तथा कटाई के बाद खेतों में पड़ी मक्का और सोयाबीन की फसलों को नुकसान पहुंचा है।

खेरोदा कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर के समय अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण उमस और गर्मी से परेशान आमजन को बारिश से राहत मिली। हालांकि, तेज बारिश के कारण कस्बे में जलभराव की समस्या सामने आ गई।

बारिश के दौरान कस्बे के प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया और सड़कें जलमग्न हो गईं। निकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से नालियां उफनने लगीं और उनमें बहने वाला गंदा पानी सड़कों पर फैल गया। इसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर पानी जमा होने से आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।

कृषि के लिहाज से बारिश किसानों के लिए राहत और नुकसान दोनों लेकर आई। देरी से बोई गई फसलों के लिए यह बारिश जीवनदान साबित हुई, लेकिन खेतों में पककर तैयार खड़ी मक्का और सोयाबीन की फसलों के साथ कटाई के बाद खेतों में पड़ी उपज को भी नुकसान पहुंचा है। खेतों में कटी पड़ी फसल के भीगने से दाना खराब होने और सड़ने की आशंका बढ़ गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

खेरोदा में हुई इस बारिश से एक ओर देरी से बोई गई फसलों को लाभ मिला, वहीं दूसरी ओर तैयार और कटी हुई मक्का-सोयाबीन की उपज प्रभावित हुई है। कस्बे में जलभराव और सड़कों पर गंदा पानी फैलने से निकासी व्यवस्था की समस्या भी सामने आई।

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