तस्वीर में झाड़ोल में अम्बाजी धाम के लिए रवाना होने से पहले सीढ़ियों पर बैठे पदयात्रियों का समूह नजर आ रहा है।

झाड़ोल में शनिवार को मां अम्बे के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। अम्बाजी पदयात्रा संघ की ओर से आयोजित पदयात्रा में करीब 90 श्रद्धालु अम्बाजी धाम के लिए पैदल रवाना हुए। अम्बाजी धाम तक पदयात्रा की यह परंपरा पिछले 24 वर्षों से लगातार जारी है।

पदयात्रा का शुभारंभ हुलाव माता मंदिर में आरती के बाद हुआ। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं का जत्था हुलाव माता मंदिर से रवाना होकर मुख्य बाजार, हेड गेवार मार्ग, सत्ती चौराहा, बस स्टैंड और कोर्ट चौराहा होते हुए विनायक मंदिर पहुंचा। यहां दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालु मां अम्बे के जयकारे लगाते हुए अम्बाजी धाम के लिए पैदल रवाना हुए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं में उत्साह रहा और मां अम्बे के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

पदयात्री झाड़ोल से गणेशपूरा, खाखड़, मगवास, कोल्यारी, ढाला, पानरवा, गड़ी-कोटड़ा और खेरोज होते हुए गुजरात स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ अम्बाजी धाम पहुंचेंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालु मां अम्बे के जयकारे लगाते हुए पैदल मार्ग तय करेंगे। अम्बाजी पहुंचने के बाद श्रद्धालु मां अम्बे के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे तथा क्षेत्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।

अम्बाजी धाम में दर्शन-पूजन के बाद पदयात्रियों का जत्था वापस नवा मोटा स्कूल पहुंचेगा। यहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी का आयोजन किया जाएगा। प्रसादी ग्रहण करने के बाद पदयात्री वापस झाड़ोल पहुंचेंगे और वहां से अपने-अपने घरों के लिए रवाना होंगे।

अम्बाजी पदयात्रा संघ से जुड़े श्रद्धालुओं ने बताया कि मां अम्बे के दर्शन के लिए पैदल यात्रा करना उनके लिए केवल यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संकल्प और श्रद्धा का विशेष अवसर है। पिछले 24 वर्षों से अम्बाजी धाम तक पदयात्रा की यह परंपरा निरंतर जारी है। हर वर्ष क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। इस वर्ष भी करीब 90 पदयात्रियों के शामिल होने से झाड़ोल सहित आसपास के गांवों में उत्साह का माहौल है।

पदयात्रा के रवाना होने के दौरान मां अम्बे के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था के बीच झाड़ोल से अम्बाजी धाम की यह पदयात्रा रवाना हुई।

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