वाहन की चपेट में वानर की मौत, श्रद्धालुओं ने वैदिक रीति से किया अंतिम संस्कार
फतेहनगर में वाहन की चपेट में आने से मृत वानर को श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान का स्वरूप मानकर सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी। पुष्पों से सजी अंतिम यात्रा तालाब क्षेत्र पहुंची, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार हुआ।
तस्वीर में फतेहनगर में मृत वानर की अंतिम यात्रा के दौरान पुष्पों से सजी पार्थिव देह और दूसरे हिस्से में तालाब के पास चल रहा अंतिम संस्कार दिखाई दे रहा है।
फतेहनगर में वाहन की चपेट में आने से एक वानर की मौत के बाद स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने उसे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी। श्रद्धालुओं ने मृत वानर को भगवान हनुमान का स्वरूप मानते हुए श्रद्धाभाव के साथ अंतिम यात्रा निकाली और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने मृत वानर के सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार का निर्णय लिया। इसके बाद अंतिम यात्रा की तैयारियां की गईं। वानर की पार्थिव देह को पुष्पों से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने गुलाल और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा श्रीफल भी अर्पित किया। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने प्रभु नाम का स्मरण करते हुए धार्मिक भाव के साथ भाग लिया।
अंतिम यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए तालाब क्षेत्र तक पहुंची। यहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की रस्में संपन्न की गईं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मृत वानर के प्रति सम्मान और जीवमात्र के प्रति करुणा का भाव प्रकट किया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वानर को हिंदू धर्म में भगवान हनुमान से जोड़कर श्रद्धा की दृष्टि से देखा जाता है। दुर्घटना में वानर की मौत के बाद लोगों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सम्मानपूर्वक उसका अंतिम संस्कार किया। स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह जीव-दया और मानवीय संवेदना का उदाहरण रहा।
वानर की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा और भावुकता का वातावरण बना रहा। मृत जीव के प्रति स्थानीय नागरिकों द्वारा दिखाई गई संवेदना की क्षेत्र में चर्चा रही।