तस्वीर में जयपुर में दिगंबर जैन मंदिर में भक्तामर पाठ के दौरान श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।

जयपुर में विश्व शांति, विश्व कल्याण और संपूर्ण मानवता के मंगल की कामना के साथ अंतरराष्ट्रीय भक्तामर दिवस के अवसर पर 9 अक्टूबर को भक्तामर स्तोत्र पाठ का आयोजन किया गया। परम पूज्य आचार्य श्री प्रणाम सागर जी महाराज की प्रेरणा से गायत्री नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में प्रातः 9 बजे, 9 मिनट और 9 सेकंड पर भक्तामर पाठ का विधिवत शुभारंभ हुआ। इसका आयोजन मंदिर की प्रबंध कार्यकारिणी समिति और समाज की ओर से किया गया। पाठ का प्रस्तुतीकरण एवं निर्देशन डॉ. राजकुमारी सोगानी ने किया।

अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद् की राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि भक्तामर पाठ का शुभारंभ मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आचार्य श्री प्रणाम सागर जी महाराज की प्रेरणा से यह भक्तामर पाठ संपूर्ण भारतवर्ष में आयोजित किया गया है। आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति, विश्व कल्याण और संपूर्ण मानवता के कल्याण एवं मंगल की कामना करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजकुमारी जैन सोगानी ने भक्तामर स्तोत्र के काव्य संख्या 1, 6, 17, 26, 45 और 48 पर मंत्रों के साथ पंच परमेष्ठी णमोकार महामंत्र की हीलिंग प्रदान की।

इस अवसर पर संपूर्ण जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं के साथ मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह, पूर्व अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन, बसंत बाकलीवाल, राकेश पटौदी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह ने सभी उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों की ओर से प्रभावना के फलस्वरूप उपस्थित लोगों को श्रीफल भेंट किए गए। इस आयोजन के माध्यम से भक्तामर स्तोत्र पाठ के जरिए विश्व शांति, मानव कल्याण और मंगल की कामना की गई।

Tags: