मैं आपका भाई हूं, राजकुमार नहीं: CM बनते ही विजय का भावुक अवतार, महिलाओं और गरीबों के लिए लिए 3 बड़े फैसले!

मुख्यमंत्री विजय ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिला सुरक्षा बल और एंटी ड्रग स्क्वाड के गठन को मंजूरी देते हुए कार्यभार संभाला।

Update: 2026-05-10 06:55 GMT

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री थलपति विजय चेन्नई में शपथ ग्रहण के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए।

तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नए युग का सूत्रपात हुआ है जब सिनेमा जगत के महानायक से राजनेता बने थलपति विजय ने आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई में आयोजित एक भव्य समारोह में शपथ लेने के तुरंत बाद विजय पूर्णतः 'एक्शन मोड' में नजर आए। उन्होंने पदभार संभालते ही राज्य की जनता को यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि उनका प्रशासन केवल वादों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि त्वरित और प्रभावी निर्णयों पर आधारित होगा। मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली आधिकारिक फाइल पर हस्ताक्षर करते हुए विजय ने तीन ऐतिहासिक फैसलों को मंजूरी दी, जो सीधे तौर पर आम जनमानस, महिला सुरक्षा और राज्य के स्वास्थ्य से जुड़े हैं।

मुख्यमंत्री विजय द्वारा लिए गए पहले बड़े फैसले के तहत तमिलनाडु के घरेलू उपभोक्ताओं को अब हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। यह निर्णय महंगाई की मार झेल रहे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। दूसरे महत्वपूर्ण निर्णय में राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए एक विशेष 'महिला प्रोटेक्शन फोर्स' के गठन को हरी झंडी दी गई है। यह बल विशेष रूप से सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए हर जिले में 'एंटी ड्रग स्क्वाड' बनाने का निर्णय लिया गया है, जो युवाओं को मादक पदार्थों के चंगुल से बचाने के लिए समर्पित रूप से कार्य करेगा।

शपथ ग्रहण के उपरांत अपने पहले संबोधन में मुख्यमंत्री विजय काफी भावुक नजर आए। उन्होंने अपने प्रशंसकों और तमिलनाडु की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वह किसी राजशाही या राजनीतिक परिवार की विरासत लेकर नहीं आए हैं, बल्कि जनता के बीच से एक साधारण भाई और परिवार के सदस्य के रूप में इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने फिल्मी सफर के दौरान मिले अपार प्रेम के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब समय उसी प्रेम को सेवा के रूप में लौटाने का है। उनके शब्दों में छिपी संवेदनशीलता ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।

प्रशासनिक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में तमिलनाडु पर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, जो उनके प्रशासन के समक्ष एक बड़ी आर्थिक चुनौती है। हालांकि, उन्होंने दृढ़ संकल्प जताते हुए कहा कि वित्तीय बाधाओं के बावजूद वह ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जाएंगे। महिलाओं के प्रति अपराधों पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं को लक्षित करने वाले अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नशे की समस्या पर बात करते हुए उन्होंने रिहैबिलिटेशन यानी पुनर्वास केंद्रों की भूमिका पर जोर दिया। उनका लक्ष्य केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि नशे की लत के शिकार व्यक्तियों को मुख्यधारा में वापस लाना है ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। थलपति विजय के इन शुरुआती कदमों ने यह संकेत दे दिया है कि तमिलनाडु की राजनीति में अब सेवा और सुधार का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, जो समावेशी विकास और सुरक्षा पर केंद्रित होगा।

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