कानपुर के परेड ग्राउंड में दशहरे के लिए रावण का पुतला तैयार करता कारीगर।

20 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में दशहरे का त्योहार बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर रावण के पुतले के दहन के साथ ही लोग तरह-तरह के पटाखे फोड़ेंगे, आतिशबाजी करेंगे और मेलों में घूमकर अपने घरों को लौटेंगे। ऐसा माना जाता है कि यह परंपरा देश में वर्षों से चली आ रही है और हर साल इसी तरह रावण का वध किया जाता है। लेकिन इस बार रावण दहन से पहले सामने आई एक कारीगर की बात ने इंटरनेट पर मौजूद जनता का दिल पूरी तरह से छू लिया है। रावण के पुतले को जलते देख हर कोई खुशी से झूम उठता है, लेकिन इस पुतले को बनाने वाले की भावनाएं और उसका नजरिया समाज को एक अलग ही संदेश दे रहा है।

कानपुर के परेड ग्राउंड के लिए रावण का 110 फुट लंबा पुतला तैयार करने वाले एक मेहनतकश कारीगर ने रावण को लेकर अपने मन की बात खुलकर सामने रखी है, जो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। कारीगर ने अपने काम और अपनी जिंदगी के इस पहलू को साझा करते हुए कहा है कि ‘रावण बुराई का प्रतीक है, मगर हमारे कमाई का जरिया है।’ रावण के सिर, उसके विशाल मुकुट और पैरों को आकार देते हुए कारीगर ने बताया कि इतने बड़े पुतले को जमीन पर उतारने और उसे मूर्त रूप देने में लगभग डेढ़ महीने का कड़ा समय लगता है।

110 फीट ऊंचे रावण का यह पुतला कोई आम काम नहीं है। इसे बनाने में एक हजार से बारह सौ बांसों की आवश्यकता पड़ती है। कारीगर का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा शारीरिक मेहनत और मशक्कत पुतले को एक जगह से उठाकर उसे मैदान पर सही तरीके से खड़ा करने में लगती है। इस बार कानपुर के परेड ग्राउंड में लगने वाले रावण की एक और खास विशेषता यह है कि इस बार इसकी गर्दन भी गोल-गोल घूमेगी, जिसे देखने के लिए लोग उत्सुक हैं।

पुतला बनाने वाले इस कलाकार ने अपनी मेहनत के इस सफर का जिक्र करते हुए अंत में भावुक होकर कहा कि महीनों की दिन-रात की मेहनत, एक-एक चीज को बारीकी से देखना, सब कुछ सही से लगाना—और अंत में वह सब कुछ सिर्फ चंद सेकंड्स में जलकर राख हो जाता है। इस वीडियो को @kanpuriya_baate नाम के इंस्टाग्राम हैंडल से हर्षित द्विवेदी द्वारा शेयर किया गया है। उन्होंने इसके वीडियो कैप्शन में लिखा है कि ‘इस बार कानपुर के रावण दहन में दिखेगा कुछ बेहद खास!’

यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, लोगों ने इस पर अपनी गहरी संवेदनाएं और प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। पुतला बनाने वाले की ये बातें सुनकर तमाम लोग भावुकता से कहने लगे कि ‘पहली बार रावण के लिए बुरा लगा!’ वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स का यह भी कहना है कि ये वीडियो हमें यह सिखाता है कि हम सब भारतवासी हैं और हम सभी को आपस में प्यार रखना चाहिए। एक यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा कि रावण जलते-जलते भी इन कारीगरों को दो वक्त की रोटी देता जा रहा है। इसके अलावा एक दूसरे यूजर ने लिखा कि बारिश होने पर कई बार पुतला फूंकने और उसे बचाने में भारी परेशानी होती है, वाकई यह पुतला बनाना एक बेहद मेहनत का काम है।