नेपाल की त्रिशूली जलविद्युत परियोजना की टनल के पास बचाव अभियान के दौरान रेस्क्यू टीम द्वारा फंसे हुए व्यक्ति को बाहर निकालते हुए।

नेपाल में एक अत्यंत भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच एक ऐसा अभूतपूर्व चमत्कार सामने आया है जिसने दुनिया भर के लोगों को हैरान कर दिया है। काठमांडू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना की गहरी और अंधी सुरंग के भीतर बीते 10 दिनों से मौत के साये और मलबे के बीच फंसे संजय शाह नामक युवक को आज सुबह सुरक्षित और जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। उफनती नदी और भारी मलबे से पूरी तरह घिरी इस टनल के भीतर बिना किसी रोशनी, भोजन या बाहरी मदद के पूरे 240 घंटे तक संजय की सांसों का चलते रहना किसी करिश्मे से कम नहीं है, जिसे बचाव दल और स्थानीय लोग भी ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं।

इस बेहद भावुक और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन की पुष्टि राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के सांसद और इंजीनियर श्रीराम न्यौपाने ने सोशल मीडिया के माध्यम से की है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि टनल के सर्च शाफ्ट के भीतर से रेस्क्यू टीम ने अंदर फंसे कुछ लोगों की आहट और आवाजें सुनी थीं, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य को पूरी तेजी से शुरू किया गया। आवाजें सुनाई देने के तुरंत बाद नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स ने उन तक पहुंचने की कोशिशों को और अधिक तेज कर दिया। बचाव दल ने जब सुरंग के भीतर आवाज लगाकर यह भरोसा दिलाया कि वे उन्हें बचाने आए हैं और घबराएं नहीं, तो अंदर से सकारात्मक जवाब मिला। इसके बाद फौरन कार्रवाई करते हुए संजय शाह को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

सुरंग से बाहर आने के तुरंत बाद मेडिकल टीमों ने संजय शाह की स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस रेस्क्यू के दौरान एक और महत्वपूर्ण और गंभीर बात सामने आई है। संजय से प्राप्त शुरुआती जानकारियों के आधार पर यह पता चला है कि इस खतरनाक और अंधेरी टनल के भीतर अभी भी कुछ अन्य लोग फंसे हो सकते हैं जो जिंदगी और मौत के बीच कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। इंजीनियर श्रीराम न्यौपाने ने स्पष्ट किया है कि सर्ज शाफ्ट के अंदर अन्य लोगों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद बाकी बचे हुए लोगों की खोज और बचाव के लिए अभियान अभी भी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी है।

गौरतलब है कि 26 अगस्त को त्रिशूली नदी घाटी में अचानक आई भयंकर बाढ़ के कारण भारी तबाही मची थी, जिसमें 1,252 लोगों की जान चली गई थी और पनबिजली परियोजनाओं तथा मुख्य सड़क मार्गों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। इस भीषण आपदा के बाद से ही खोज और बचाव दल बेहद मुश्किल और जानलेवा हालात में उन तमाम लोगों का पता लगाने में जुटे हैं जो सुरंगों या अन्य ढांचों के मलबे में फंसे हो सकते हैं। त्रिशूली सुरंग से संजय शाह का यह सुरक्षित बाहर निकलना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए एक बड़ी राहत और उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है, और अब पूरा देश सुरंग के भीतर फंसे बाकी अन्य लोगों के भी सकुशल बाहर आने की प्रार्थना कर रहा है।