मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की 'मिसिंग लिंक' बनी दुनिया का अजूबा; जाने क्यों गिनीज बुक में हुआ नाम दर्ज
महाराष्ट्र दिवस पर 23.5 मीटर चौड़ी सुरंग को दुनिया की सबसे चौड़ी टनल की मान्यता मिली, जिससे मुंबई और पुणे के बीच यात्रा का समय 30 मिनट तक कम हो जाएगा।
महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर नवनिर्मित 'मिसिंग लिंक' परियोजना की सुरंग जिसे 23.5 मीटर चौड़ाई के साथ दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।
Mumbai Pune Missing Link Guinness World Record : मुंबई और पुणे के बीच का सफर अब न केवल सुगम होने जा रहा है, बल्कि यह मार्ग वैश्विक मानचित्र पर अपनी एक अमिट छाप भी छोड़ चुका है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) द्वारा निर्मित 'मिसिंग लिंक' परियोजना ने अपनी अद्वितीय इंजीनियरिंग क्षमता और विशाल संरचना के दम पर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया है। महाराष्ट्र दिवस के पावन अवसर पर इस परियोजना को दुनिया के सबसे चौड़े सुरंगों (23.5 मीटर) के रूप में आधिकारिक मान्यता प्राप्त हुई, जो भारतीय बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
यह महात्वाकांक्षी परियोजना मुंबई और पुणे के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। वर्तमान में इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव निरंतर बढ़ रहा था, जिसके कारण घाट खंड में अक्सर यातायात की स्थिति जटिल हो जाती थी। इस समस्या का समाधान करने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, एमएसआरडीसी ने 2019 में खोपोली से कुसगांव के बीच 13.3 किलोमीटर लंबी एक नई लेन के निर्माण का बीड़ा उठाया था। लगभग 6,695 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह 'मिसिंग लिंक' न केवल दूरी कम करेगी, बल्कि यात्रियों के कीमती 30 मिनट भी बचाएगी।
🌁 The Mumbai–Pune Missing Link, yet another engineering marvel!Just 3 days to go…It will be dedicated to Maharashtra on 1st May, Maharashtra Day.This project will reduce travel time between Mumbai and Pune by 25–30 minutes.A series of outstanding infrastructure projects… pic.twitter.com/1zCs2nLf0v— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) April 28, 2026
इस निर्माण कार्य की राह आसान नहीं थी। इंजीनियरिंग के लिहाज से यह बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, जहां दुर्गम पहाड़ियों, गहरी खाइयों और प्रतिकूल मौसम के बीच श्रमिकों और इंजीनियरों ने दिन-रात काम किया। परियोजना के दौरान आने वाली तकनीकी बाधाओं ने भले ही इसकी गति को थोड़ा धीमा किया, लेकिन अंततः एक 'इंजीनियरिंग मार्वल' (अभियांत्रिकी चमत्कार) बनकर उभरा। गिनीज बुक के अधिकारियों ने गहन निरीक्षण और मानक मापदंडों की जांच के बाद इसे दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग के रूप में स्वीकार किया है। अब देश स्तर पर इस उपलब्धि को पहचान दिलाने के लिए 'लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में भी इसके नामांकन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
VIDEO | Raigad: After inaugurating ‘Missing Link’ stretch on Mumbai-Pune Expressway, Maharashtra CM Devendra Fadnavis says, “Today is a very joyful day. It marks the fulfillment of a dream that all of us had, to make travel between Mumbai and Pune smoother. Today, an important… pic.twitter.com/BUq1iYWLBM
— Press Trust of India (@PTI_News) May 1, 2026
आज जब यह मार्ग सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है, तब यह केवल एक सड़क मात्र नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन गया है। इस परियोजना के चालू होने से घाट का खतरनाक और समय लेने वाला रास्ता अतीत का हिस्सा बन जाएगा। यह विकास महाराष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की गति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सामर्थ्य रखता है, जिससे राज्य की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सक्षम और उन्नत प्रदेश के रूप में और सुदृढ़ होगी।