चुनावी हलफनामे और खर्च पर सवाल, मद्रास हाईकोर्ट का सीएम थलपति विजय को नोटिस|
पेरंबूर चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट ने सीएम विजय को नोटिस जारी किया, हलफनामे और प्रचार पर उठे गंभीर सवाल।
अदालत में हथौड़ा और थलपति विजय का चित्रण, इमेज जेनरेटेड बाय एआई फॉर इलस्ट्रेटिव पर्पजेस।
मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख थलपति विजय को एक चुनाव याचिका के संदर्भ में नोटिस जारी किया है। यह मामला पेरंबूर विधानसभा क्षेत्र से 2026 के विधानसभा चुनाव में पराजित हुए द्रमुक उम्मीदवार आर. डी. शेखर द्वारा दायर की गई याचिका से संबंधित है। न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने मामले की सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री विजय को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है और इस मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह का समय निर्धारित किया है।
याचिकाकर्ता आर. डी. शेखर ने थलपति विजय के निर्वाचन को विभिन्न आधारों पर चुनौती दी है। याचिका में सबसे प्रमुख आरोप चुनाव प्रचार के दौरान बच्चों के इस्तेमाल का है, जिसे निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन बताया गया है। इसके अतिरिक्त, विजय द्वारा प्रस्तुत चुनावी हलफनामे (फॉर्म-26) में गंभीर विसंगतियों का दावा किया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि तिरुचिरापल्ली और पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रस्तुत हलफनामों में विरोधाभासी सत्यापन दर्ज हैं, जिससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि वे एक ही दिन दो अलग-अलग नोटरी के समक्ष उपस्थित हुए थे।
कानूनी दस्तावेजों में किए गए इन दावों के अलावा, याचिका में वित्तीय अनियमितताओं के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आर. डी. शेखर ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री विजय ने अपने आयकर बकाया का उचित खुलासा नहीं किया है और सोशल मीडिया प्रचार पर हुए खर्च को चुनावी व्यय के विवरण में शामिल नहीं किया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि उन्होंने निर्धारित सीमा से अधिक खर्च किया है। इसके साथ ही, धार्मिक स्थलों, जैसे कि मंदिर और चर्च परिसर में प्रचार करने का भी आरोप है, जिसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के अंतर्गत भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में रखा गया है।
यह प्रकरण अकेले आर. डी. शेखर तक सीमित नहीं है। तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्र से पराजित द्रमुक उम्मीदवार इनिगो इरुधयराज ने भी मुख्यमंत्री विजय के निर्वाचन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जिसके आधार समान हैं। गौरतलब है कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र से थलपति विजय को 1,20,365 मत प्राप्त हुए थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी आर. डी. शेखर को 66,650 वोट मिले थे। विजय ने यह चुनाव 53,715 मतों के बड़े अंतर से जीता था, लेकिन अब कानूनी चुनौतियों ने उनके निर्वाचन की वैधता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यायालय का यह नोटिस मुख्यमंत्री के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है, जिस पर राज्य की राजनीति की नजरें टिकी हुई हैं।