थाईलैंड का अरुण टेंपल से लेकर 1.5 करोड़ के पंडाल तक: दुर्गा पूजा की ऐसी अलौकिक छटा, जिसे देख दंग रह जाएंगे आप|
देशभर में सजे अनोखे दुर्गापूजा पंडालों में थाईलैंड के अरुण मंदिर और 3000 किलो रस्सी से बनी इमारतों की कला ने सबका मन मोह लिया है।
देशभर में दुर्गापूजा के अवसर पर कोलकाता और धनबाद समेत विभिन्न जगहों पर बनाए गए अनोखे और भव्य पंडालों की झलक दिखाई गई है।
देशभर में दुर्गा पूजा के अवसर पर एक से बढ़कर एक भव्य और खूबसूरत पंडाल सजाए गए हैं। देवी मां की प्रतिमाओं के साथ-साथ इन पंडालों की थीम और सजावट लोगों का मन मोह रही है। आजकल पंडालों को इतनी क्रिएटिविटी और भव्यता के साथ तैयार किया जाता है कि इनमें प्रवेश करते ही एक अलग ही दुनिया का अहसास होता है। आइए जानते हैं देश के कुछ बेहद यूनिक और अद्भुत दुर्गा पूजा पंडालों के बारे में।
थाईलैंड के अरुण टेंपल की झलक (धनबाद)
धनबाद के यश कुशवाहा द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में एक ऐसा पंडाल दिखाया गया है, जहां थाईलैंड के प्रसिद्ध 'अरुण टेंपल' की पूरी झलक देखने को मिलती है। इस पंडाल का ऊपरी और बाहरी ढांचा बिल्कुल थाईलैंड के अरुण टेंपल का रूप देकर बेहद खूबसूरती से तैयार किया गया है।
डिवाइन और दिव्य पंडाल
एक अन्य पंडाल में माता रानी की मूर्तियों को बेहद सुंदर लेकिन सादगी भरे अंदाज में बनाया गया है। मूर्तियों की यह सादगी और सुंदरता इतनी मनमोहक है कि इसे देखने वाले केवल डिवाइन यानी अलौकिक कह रहे हैं।
तैरते शिप पर बना पंडाल (कोलकाता)
कोलकाता के दमदम पार्क का एक वीडियो काफी पसंद किया जा रहा है, जिसमें पानी पर तैरता हुआ पंडाल नजर आ रहा है। इस पंडाल को एक तैरते हुए विशाल शिप (जहाज) का आकार दिया गया है, जो देखने में बेहद अद्भुत अनुभव कराता है।
3000 किलो रस्सी से बसा शहर (कोलकाता)
कोलकाता में ही बना एक और अनोखा पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र है। इस पंडाल को बनाने में करीब 3000 किलोग्राम रस्सी का इस्तेमाल किया गया है। इतनी भारी मात्रा में रस्सी की मदद से ऊंची-ऊंची इमारतों वाला एक पूरा शहर तैयार कर दिया गया है।
सड़क के दोनों ओर फैला 1.5 करोड़ का पंडाल (बिलासपुर)
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य पंडाल सजाया गया है। इस पंडाल की खासियत यह है कि इसे सड़क के दोनों ओर बनाया गया है और इसके बीच से सामान्य ट्रैफिक भी गुजरता हुआ देखा जा सकता है।