टोंक जिला कलेक्ट्रेट परिसर में टीना डाबी (आई.ए.एस.) के कार्यालय के बाहर ग्राम पंचायत परिसीमन के विरोध में ज्ञापन देने पहुंचे टोरड़ी गांव के ग्रामीण और तैनात सुरक्षाकर्मी।   

टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में टोरड़ी गांव के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के परिसीमन को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और आगामी पंचायत राज चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की। ग्रामीण टोरड़ी गांव को ग्राम पंचायत बड़ागांव से हटाकर रामनगर धतुरी में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि गांव को पूर्व की तरह बड़ागांव ग्राम पंचायत में रखा जाए या फिर अलग ग्राम पंचायत बनाई जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि परिसीमन के दौरान उन्होंने अपनी मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और जिला कलेक्टर को कई बार परिवेदनाएं दीं, लेकिन उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, रामनगर और टोरड़ी के बीच चुनाव में मतदान को लेकर पिछले करीब 35 वर्षों से विवाद चला आ रहा है।

मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने आगामी पंचायत राज चुनावों में सरपंच, वार्ड पंच, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का विरोध टोरड़ी गांव को ग्राम पंचायत बड़ागांव से हटाकर रामनगर धतुरी में जोड़ने के फैसले को लेकर है।

वहीं, जिला कलेक्टर टीना डाबी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पंचायत राज चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए फिलहाल परिसीमन में बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में ग्रामीणों की मांग सरकार को भेजकर उस पर विचार करवाया जाएगा।

ऐसे में फिलहाल परिसीमन में बदलाव की मांग पर ग्रामीणों को इंतजार करना होगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वर्ष 2027 में सरकार के समक्ष मांग भेजे जाने के आश्वासन के बाद टोरड़ी गांव के ग्रामीण चुनाव बहिष्कार का फैसला वापस लेते हैं या अपना विरोध जारी रखते हैं।

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