टोंक में साइबर ठगी का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने ऑपरेशन साइबर वॉर के तहत कार्रवाई कर 33 शिकायतों और 139 सिम कार्ड का खुलासा किया है।
टोंक पुलिस ने ऑपरेशन साइबर वॉर के तहत ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
राजस्थान के टोंक में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन साइबर वॉर के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया ऐप के जरिए लोगों को निवेश पर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगी करते थे। जांच में ठगी के लिए 139 सिम कार्ड का इस्तेमाल सामने आया है।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर डीएसटी टीम और पुरानी टोंक थाना पुलिस ने अस्तल रोड स्थित फायरिंग बट के पास दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने आकाश मीना और सुनील मीना को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया ऐप के माध्यम से लोगों को निवेश पर अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 33 शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों में कुल 7 लाख 10 हजार रुपये की ठगी की राशि सामने आई है। ठगी की वारदातों में 139 सिम कार्ड का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। वहीं, मामले में शामिल बताए जा रहे सहयोगी आरोपी नवल मीणा की तलाश जारी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
यह कार्रवाई एसपी रोशन मीणा के निर्देशन में की गई। एएसपी रतनलाल भार्गव और डीवाईएसपी मृत्युंजय मिश्रा के सुपरविजन में डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी की टीम तथा पुरानी टोंक थाना प्रभारी राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस ने संयुक्त रूप से दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ऑपरेशन साइबर वॉर के तहत हुई इस कार्रवाई में 139 सिम कार्ड के इस्तेमाल, एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज 33 शिकायतों और 7 लाख 10 हजार रुपये की ठगी की राशि का खुलासा हुआ है। मामले में एक अन्य सहयोगी आरोपी की तलाश जारी रहने से पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है।