ठाणे में सोने की चेन के लिए दोस्त की हत्या, शव जलाया; दृश्यम जैसी साजिश रचने वाले दो नाबालिग पकड़े गए
सोने की चेन लूटने के लिए दो नाबालिगों ने अपने 17 वर्षीय दोस्त की हत्या कर दी और पुलिस को गुमराह करने के लिए फिल्म दृश्यम की तर्ज पर साजिश रची।
तस्वीर में ठाणे की वह सुनसान जगह दिखाई गई है जहां आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया और साथ ही मृतक प्रज्योत कांबले की प्रतीकात्मक तस्वीर है।
महाराष्ट्र के ठाणे में सोने की चेन हासिल करने के लिए दो नाबालिगों ने अपने 17 वर्षीय दोस्त प्रज्योत कांबले की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए उसके शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और मोबाइल फोन एक बस में फेंक दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने फिल्म दृश्यम की तर्ज पर साजिश रची, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच ने उनके झूठ का पर्दाफाश कर दिया।
ठाणे के आजाद नगर का रहने वाला प्रज्योत कांबले 24 सितंबर को शाम करीब 7 बजे लापता हो गया था। अगले दिन उसके पिता ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रज्योत के एक दोस्त से पूछताछ की। उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए दावा किया कि उसने प्रज्योत को एक अनजान लड़के के साथ बाइक पर घोड़बंदर इलाके की तरफ जाते हुए देखा था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की पुष्टि के लिए रास्ते में लगे 80 से 90 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में दोस्त का दावा झूठा निकला।
इसके बाद जांचकर्ताओं ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन डेटा के आधार पर उसी दोस्त से दोबारा पूछताछ की। पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, प्रज्योत ने सोने की चेन पहन रखी थी। उसकी चेन हासिल करने के लिए उसके दो नाबालिग दोस्तों ने हत्या की योजना बनाई थी। इनमें से एक अपना जन्मदिन मनाना चाहता था, जबकि दूसरा बाइक खरीदना चाहता था। पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए दोनों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
24 सितंबर को दोनों नाबालिग प्रज्योत को सिगरेट पीने के बहाने ठाणे के ब्रह्मांड फेज 2 इलाके के पास एक सुनसान और झाड़ियों से घिरी जगह पर ले गए। वहां दोनों ने चाकू से उस पर हमला किया और पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उन्होंने प्रज्योत के शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, ताकि उसकी पहचान और वारदात से जुड़े साक्ष्य मिटाए जा सकें। इसके अलावा, उन्होंने उसका मोबाइल फोन एक बस में फेंक दिया, जिससे उसकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो जाए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने फिल्म दृश्यम की तर्ज पर योजना बनाई थी, जिसका मकसद जांच को भटकाना और पुलिस को गुमराह करना था।
हालांकि, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन डेटा की मदद से पुलिस ने उनकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के अनुसार, दोनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया गया है और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मामले की जांच जारी है।