Nvidia चिप निर्माण के लिए Samsung और TSMC के बीच साझेदारी तय हुई।

Nvidia की अगली पीढ़ी की कस्टम हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स के निर्माण के लिए Samsung Electronics अब अपनी प्रतिद्वंद्वी ताइवानी कंपनी TSMC की उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करेगा। सियोल इकोनॉमिक डेली की रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, Samsung इन चिप्स के बेस डाई बनाने के लिए TSMC की 3-नैनोमीटर प्रोसेस तकनीक अपनाएगा। यह कदम HBM निर्माण के चरण में दोनों कंपनियों के बीच पहली साझेदारी होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, Nvidia ने Samsung, SK Hynix और Micron Technology से NVHBM के बेस डाई बनाने के लिए TSMC की प्रोसेस तकनीक इस्तेमाल करने और इसके कोर डाई में छठी पीढ़ी की DRAM तकनीक शामिल करने को कहा है। अखबार ने यह जानकारी उद्योग जगत के सूत्रों के हवाले से दी है।

Nvidia ने अगस्त में NVHBM पेश किया था। कंपनी के अनुसार, इस तकनीक में Nvidia का कस्टम मेमोरी कंट्रोलर बेस डाई में एकीकृत किया गया है। इसका उद्देश्य कई मेमोरी आपूर्तिकर्ताओं के बीच इस तकनीक के इस्तेमाल को मानकीकृत करना है, ताकि अलग-अलग कंपनियों से मिलने वाली मेमोरी में इसके कार्यान्वयन को एकरूप बनाया जा सके।

सियोल इकोनॉमिक डेली के अनुसार, Samsung ने आंतरिक समीक्षा के बाद Nvidia की शर्तें स्वीकार कर ली हैं। हालांकि, कंपनी अन्य ग्राहकों के लिए मानक HBM और कस्टम उत्पादों का निर्माण अपने मौजूदा इन-हाउस उत्पादन मॉडल के तहत जारी रखने की योजना बना रही है।

अखबार ने एक अज्ञात सूत्र के हवाले से यह भी बताया कि Samsung इस संभावना का आकलन कर रहा है कि यदि NVHBM की मांग TSMC की उत्पादन क्षमता से अधिक हो जाती है, तो क्या वह अपने ही फाउंड्री कारोबार के जरिए इन चिप्स के बेस डाई का निर्माण कर सकता है।

इस घटनाक्रम के साथ Samsung और TSMC के बीच HBM निर्माण के क्षेत्र में पहली बार सहयोग का रास्ता खुल रहा है। Nvidia की अगली पीढ़ी की मेमोरी चिप्स के लिए TSMC की 3-नैनोमीटर तकनीक का इस्तेमाल और Samsung की वैकल्पिक उत्पादन क्षमता का आकलन इस साझेदारी के प्रमुख पहलू हैं।