अगस्त 2026 में ड्रीमफ्लाई इनोवेशंस ने बेंगलुरु में स्वदेशी ड्रोन बैटरी के निर्माण के लिए 40,000 वर्ग फीट की नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने का ऐलान किया।

भुवनेश्वर, अगस्त 2026: भारत की डीप-टेक कंपनी ड्रीमफ्लाई इनोवेशंस ने उन्नत एविएशन बैटरी तकनीक के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए नॉर्थ बेंगलुरु में 40,000 वर्ग फीट क्षेत्र में एविएशन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित संयंत्र की शुरुआती वार्षिक उत्पादन क्षमता 100 MWh होगी, जिसे बढ़ाकर 200 MWh तक किया जा सकेगा। यह ड्रोन क्षेत्र को समर्पित भारत की सबसे बड़ी एविएशन बैटरी विनिर्माण सुविधाओं में से एक होगी।

इस प्रस्तावित सुविधा में डिफेंस, निगरानी, निरीक्षण, कृषि छिड़काव, लॉजिस्टिक्स और एयर टैक्सी जैसे उभरते एयर मोबिलिटी प्लेटफॉर्म सहित ड्रोन के विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए उन्नत एविएशन बैटरियों का निर्माण किया जाएगा। इस निवेश से मानव रहित हवाई प्रणालियों के सबसे महत्वपूर्ण घटकों में से एक के लिए स्थानीय विनिर्माण क्षमता बढ़ेगी और भारत की घरेलू ड्रोन सप्लाई चेन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

ड्रीमफ्लाई का 77 प्रतिशत स्वदेशी कंटेंट है, जो किसान ड्रोन नीति के लक्ष्यों के अनुरूप है। कंपनी के प्रयास घरेलू स्तर पर पावर सॉल्यूशंस विकसित कर भारतीय ड्रोन निर्माताओं को समर्थन देने की दिशा में हैं। इससे विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करने के साथ उन्नत विनिर्माण के देश के पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में भी योगदान मिलेगा।

प्रस्तावित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी विकसित भारत 2047, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप होगी। इसका उद्देश्य रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की स्वदेशी क्षमता बढ़ाना है। कृषि, निर्माण, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा और डिफेंस में ड्रोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ने के साथ एविएशन बैटरी तकनीक में स्वदेशी क्षमता विकसित करना ड्रोन निर्माण और निर्यात में भारत को अग्रणी बनाने के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।

कंपनी की नई मैन्युफैक्चरिंग पहल पर ड्रीमफ्लाई इनोवेशंस की को-फाउंडर एवं CEO काजल शाह ने कहा, "हर ड्रोन का प्रदर्शन, सुरक्षा, एंड्योरेंस और विश्वसनीयता बैटरियों पर निर्भर करती है। जैसे-जैसे भारत की ड्रोन अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, भारत के लिए ड्रोन की बैटरियां बनाने की क्षमता विकसित करना भी महत्वपूर्ण है। हमारी नई सुविधा भारत के लिए अत्याधुनिक बैटरियां विकसित करने का एक तरीका है, जो घरेलू ड्रोन निर्माताओं को भी समर्थन देगी और विकसित भारत, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाएगी।"

ड्रीमफ्लाई की मैन्युफैक्चरिंग पहल पर अवाना कैपिटल के पार्टनर विकास वर्मा ने कहा, "ड्रीमफ्लाई की नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी नेक्स्ट-जेनरेशन बैटरी तकनीकों में एक अग्रणी इनोवेटर के रूप में उसकी स्थिति को और मजबूत करती है। यह भारत के उन्नत एरियल मोबिलिटी इकोसिस्टम के निर्माण, आयात पर निर्भरता कम करने और भारतीय ड्रोन निर्माताओं को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म विकसित करने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हमारा मानना है कि यह विस्तार भारत के डीप-टेक मैन्युफैक्चरिंग बेस को मजबूत करेगा और ड्रोन तथा भविष्य की एविएशन तकनीकों के लिए वैश्विक केंद्र बनने की देश की महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाएगा।"

नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के साथ ड्रीमफ्लाई इनोवेशंस भारत के डीप-टेक मैन्युफैक्चरिंग वातावरण के विकास के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगी। अपनी एविएशन बैटरी तकनीक विकसित कर कंपनी ड्रोन उद्योग के अगले चरण के विकास में योगदान देने के साथ भारत को उन्नत विनिर्माण और भविष्य की एविएशन तकनीक के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम करेगी।

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