ONDC पर डिजीहाट का बड़ा धमाका; लॉन्च किया 'सहकार से समृद्धि' स्टोर!
डिजिटल कॉमर्स के माध्यम से किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को देश भर के उपभोक्ताओं तक सीधे पहुंचाने के लिए विशेष पहल शुरू की गई है।
ओएनडीसी नेटवर्क पावर्ड ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डिजीहाट द्वारा सहकारी उत्पादों की राष्ट्रव्यापी पहुंच बढ़ाने और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा देने के संदर्भ में एक प्रतीकात्मक चित्र।
Digihat ONDC Store : भारत के ग्रामीण और सहकारी आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। 'ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स' (ONDC) पर सक्रिय सरकारी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस 'डिजीहाट' ने सोमवार को देशव्यापी 'सहकार से समृद्धि' अभियान का शंखनाद कर दिया है। डिजिटल वाणिज्य की असीम शक्ति के माध्यम से देश के सुदूर कोनों में तैयार होने वाले सहकारी उत्पादों को एक वैश्विक मंच देना और सीधे आम उपभोक्ताओं तक उनकी पहुंच स्थापित करना इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य ध्येय है। सहकारिता मंत्रालय के गौरवशाली पांच वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा यह हफ्ता भर लंबा महा-अभियान आगामी 6 जुलाई तक जारी रहेगा, जो भारत की जमीनी आर्थिक ताकत को डिजिटल दुनिया के सामने पूरी भव्यता के साथ प्रदर्शित करने जा रहा है।
इस अनूठे अभियान को धरातल पर उतारने के लिए 'डिजीहाट' ने अपने प्लेटफॉर्म पर एक विशेष 'सहकार से समृद्धि स्टोर' की शुरुआत की है। यह अत्याधुनिक डिजिटल स्टोर देश भर की विभिन्न सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), स्वयं-सहायता समूहों (SHG), शिल्पकारों और स्थानीय सामुदायिक उद्यमों के बेहतरीन उत्पादों को एक साझा डिजिटल छत के नीचे लेकर आया है। इस क्रांतिकारी एकीकरण के बाद, देश के किसी भी हिस्से में बैठा उपभोक्ता मात्र एक क्लिक के जरिए इन शुद्ध और पारंपरिक उत्पादों को सीधे ऑर्डर कर सकेगा। यह पहल न केवल मध्यस्थों की भूमिका को समाप्त करेगी, बल्कि सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया डिजिटल संबल प्रदान करेगी।
आधिकारिक डेटा और देश के व्यापक कोऑपरेटिव इकोसिस्टम के लिहाज से यह पहल बेहद व्यापक प्रभाव डालने वाली है। वर्तमान में भारत के इस विशाल इकोसिस्टम के अंतर्गत 8.5 लाख से अधिक पंजीकृत सहकारी सोसायटियां कार्यरत हैं, जिनसे लगभग 29 करोड़ सदस्य सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। ये सदस्य खेती, डेयरी उद्योग, मछली पालन, हथकरघा, ग्रामीण कुटीर उद्योगों और वित्तीय सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिन-रात योगदान दे रहे हैं। डिजीहाट की आंतरिक समीक्षा के अनुसार, हालिया वर्षों में सहकारी आंदोलनों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज किए जाने के बावजूद, कई छोटे उत्पादकों को मुख्यधारा के बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों की जटिलताओं और राष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच स्थापित करने में गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। ओएनडीसी-पावर्ड यह नया डिजिटल प्लेटफॉर्म इसी खाई को पाटने का काम करेगा, जिससे इन समूहों की डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी और आय दोनों में गुणात्मक वृद्धि होगी।
इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग के रणनीतिक और व्यावसायिक पहलुओं को रेखांकित करते हुए डिजीहाट के मार्केटिंग हेड शुभो सेनगुप्ता ने कहा कि भारत का सहकारी आंदोलन दुनिया के सबसे बड़े जन-नेतृत्व वाले आर्थिक तंत्रों में से एक है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि सहकारिता मंत्रालय के पांच सफल वर्ष पूरे होने के इस पड़ाव पर, विकास के अगले अध्याय की पटकथा डिजिटल बाजार तक ग्रामीण कम्युनिटी एंटरप्राइज की सुगम पहुंच के माध्यम से ही लिखी जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि 'सहकार से समृद्धि' अभियान उत्पादकों को बिना किसी बाधा के सीधे राष्ट्रीय स्तर के उपभोक्ताओं से जोड़कर एक पारदर्शी बाजार ढांचा तैयार करेगा।
इस वृहद् वाणिज्यिक अभियान में 'भारत ऑर्गेनिक्स' एक मुख्य और विशेष ब्रांड पार्टनर के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। यह ब्रांड विशेष प्रमोशनल ऑफर्स, खास तौर पर क्यूरेट किए गए प्रोडक्ट कलेक्शंस और उपभोक्ता जुड़ाव कार्यक्रमों के साथ एक समर्पित स्टोरफ्रंट का संचालन करेगा। इसके साथ ही, इस अभियान के दौरान ग्राहकों को जोड़ने के लिए डिजिटल कहानियों और जागरूकता कार्यक्रमों का भी सहारा लिया जाएगा, जो देश के विकास में कॉपरेटिव सेक्टर के अतुलनीय योगदान को उजागर करेंगे। इस हफ्ते भर चलने वाले डिजिटल मेले में उपभोक्ताओं के लिए ग्रॉसरी, ऑर्गेनिक फूड, शानदार हस्तशिल्प, पारंपरिक हथकरघा, पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और दैनिक जीवन में काम आने वाली घर की जरूरी चीजों जैसी व्यापक श्रेणियां खरीदारी के लिए उपलब्ध रहेंगी, जो 'लोकल फॉर वोकल' के संकल्प को डिजिटल इंडिया के माध्यम से सच साबित करेंगी।