विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में अस्ताना मैट पर मुकाबला करते पहलवान   

कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में भारतीय पहलवान ललित ने कांस्य पदक मुकाबले में जगह बनाकर देश की पदक उम्मीदों को कायम रखा है। वहीं, रविवार, 25 अक्टूबर को ग्रीको-रोमन कुश्ती के मुकाबलों में उतरे तीन अन्य भारतीय पहलवान नितेश सिवाच, करनजीत और जोगिंदर राठी अपने शुरुआती मुकाबले हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए।

ललित ने अमेरिकी पहलवान मैक्स एमिलियानो नॉरी को 7-0 से हराकर कांस्य पदक के मुकाबले में प्रवेश किया। अब उनका सामना कजाकिस्तान के इस्खार कुर्बायेव से होगा। इस मुकाबले में जीत दर्ज करने पर ललित भारत के लिए ग्रीको-रोमन विश्व चैंपियनशिप में दूसरा पदक जीतने की उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। इससे पहले संदीप तुलसी यादव ने 2013 में कांस्य पदक जीता था। वह इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान हैं।

नितेश सिवाच को जर्मनी के पहलवान ने हराया

एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता नितेश सिवाच को 97 किलोग्राम भार वर्ग के क्वालिफिकेशन मुकाबले में जर्मनी के एंटोन व्यूवेग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। जर्मन पहलवान ने दोनों पीरियड में चार-चार अंक हासिल करने वाला थ्रो किया और तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मुकाबला समाप्त कर दिया।

करनजीत को जापानी पहलवान से करीबी मुकाबले में हार

72 किलोग्राम भार वर्ग में करनजीत को जापान के रिंटारो सोगाबे ने 3-2 से हराया। क्वालिफिकेशन मुकाबले में करनजीत के पास पार-तेर्रे की अनुकूल स्थिति थी, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सके। इसके बजाय सोगाबे ने जवाबी हमला करते हुए अंक हासिल किए और भारतीय पहलवान पर करीबी जीत दर्ज की।

जोगिंदर राठी को यूरोपीय चैंपियन ने दी शिकस्त

130 किलोग्राम भार वर्ग में जोगिंदर राठी का सामना तुर्किये के दिग्गज पहलवान रिजा कयाल्प से हुआ। मौजूदा यूरोपीय चैंपियन कयाल्प ने राठी को बड़े अंतर से हराया। उन्होंने लगातार तीन एक्सपोजर मूव किए और इसके बाद गट रिंच तकनीक से मुकाबला समाप्त किया। तीन साल बाद विश्व स्तर पर वापसी कर रहे कयाल्प ने इस प्रदर्शन के साथ अपनी वापसी दर्ज कराई।

ललित का कांस्य पदक मुकाबले तक पहुंचना भारतीय दल के लिए अहम उपलब्धि है, जबकि नितेश सिवाच, करनजीत और जोगिंदर राठी की शुरुआती दौर में हार ने ग्रीको-रोमन वर्ग में भारत की चुनौती को सीमित कर दिया है। अब सबकी नजरें ललित के कांस्य पदक मुकाबले पर रहेंगी।