तस्वीर में बाएं से मोना अग्रवाल और दाएं जैवलिन थ्रोअर हैनी दिखाई दे रहे हैं, जिन्होंने एशियन पैरा गेम्स 2026 में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीते हैं।

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत ने पदकों की संख्या 100 के पार पहुंचा दी है। लगातार दूसरी बार एशियन पैरा गेम्स में भारतीय दल ने यह उपलब्धि हासिल की है। 23 अक्टूबर को राइफल निशानेबाज मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड तोड़कर अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता, जबकि जैवलिन थ्रोअर हैनी ने भी विश्व रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन SH1 स्पर्धा के फाइनल में 357.5 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। यह एशियन पैरा गेम्स 2026 में उनका दूसरा गोल्ड मेडल है। इसके साथ ही भारत के खाते में 27वां स्वर्ण पदक जुड़ गया। इससे पहले मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा में भी गोल्ड मेडल जीता था। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन SH1 स्पर्धा में भारत की अवनि लेखरा ने भी हिस्सा लिया, लेकिन वह चौथे स्थान पर रहीं।

जैवलिन थ्रो में हैनी ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

भारतीय जैवलिन थ्रोअर हैनी ने पुरुषों की भाला फेंक F37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर दूर भाला फेंककर विश्व रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। इस उपलब्धि के साथ भारत की पदक तालिका में 26वां गोल्ड मेडल जुड़ा।

टेबल टेनिस में 72 साल बाद भारत ने रचा इतिहास

टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। भारत ने मिक्स्ड डबल्स स्पर्धा में 72 साल बाद पदक पक्का किया है। भारतीय जोड़ी हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े ने दक्षिण कोरिया की जोड़ी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और यह उपलब्धि हासिल की।

भारत ने टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स में आखिरी पदक 1954 के एशियन पैरा गेम्स में जीता था। उस समय यतिन और मीना की जोड़ी ने देश के लिए रजत पदक हासिल किया था।

निशानेबाजी और जैवलिन थ्रो में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक तथा टेबल टेनिस में लंबे अंतराल के बाद पदक सुनिश्चित होने से एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है।