बल्ला उठाकर मैदान पर जश्न मनाते हुए युवा भारतीय क्रिकेटर नई दिल्ली में मैच के दौरान।

भारतीय क्रिकेट टीम वर्तमान में टेस्ट और सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जिसमें लगातार युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। किसी भी खिलाड़ी के लिए राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाना और फिर उसे लंबे समय तक बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि हर एक स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। इस प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच चार ऐसे युवा खिलाड़ियों ने अपनी खास पहचान बनाई है, जिन्होंने अपने दमदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में अपनी जगह पूरी तरह पक्की कर ली है और चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना अब लगभग असंभव हो गया है।

इस सूची में पहला नाम ध्रुव जुरेल का आता है, जो एक विकेटकीपर होने के बावजूद मुख्य रूप से एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में टेस्ट टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं। निचले क्रम में आकर उन्होंने कई बेहद उपयोगी और संकटमोचक पारियां खेली हैं। जुरेल ने अपने 12 टेस्ट मैचों में 40 की शानदार औसत से कुल 651 रन बनाए हैं, जिसमें दो शानदार शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। उनकी तकनीक स्पिन और तेज दोनों तरह की गेंदबाजी के खिलाफ बेहद मजबूत नजर आती है।

गेंदबाजी विभाग में मानव सुथार ने अपनी गहरी छाप छोड़ी है। अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा के करियर के अंतिम चरण को देखते हुए भारतीय टीम को समय से पहले ही उनका एक बेहतरीन विकल्प मिल गया है। मानव सुथार अपनी धारदार गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी से भी टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। अपने पदार्पण टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतने के बाद उन्होंने अपने दूसरे ही मुकाबले में 10 विकेट झटककर सनसनी फैला दी थी।

इसके अलावा, 24 वर्षीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा भी अपनी प्रतिभा के दम पर तीनों प्रारूपों में टीम इंडिया की योजनाओं का अहम हिस्सा बन चुके हैं, हालांकि वर्तमान में वह चोट के कारण मैदान से बाहर हैं। उन्होंने अब तक खेले गए 14 एकदिवसीय मुकाबलों में 26 विकेट अपने नाम किए हैं और वह वनडे प्रारूप में एक अर्धशतक भी जड़ चुके हैं। उन्हें टी20 विश्व कप की टीम में भी शामिल किया गया था, लेकिन चोट के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा था।

वहीं, बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने भी साई सुदर्शन की चोट के बाद मिले मौके को दोनों हाथों से भुनाया और टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 पर लगातार दो शानदार शतक जड़कर अपनी दावेदारी बेहद मजबूत कर ली है। इन युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम का भविष्य सुरक्षित हाथों में नजर आ रहा है।