एशियन गेम्स पदक विजेता कुमकुम मोहोड़ का लक्ष्य ओलंपिक स्वर्ण
17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड़ ने एशियन गेम्स में 3 पदक जीतने के बाद लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में भारत के लिए व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण जीतने का लक्ष्य रखा है।
तस्वीर में भारतीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड़ निशाना साधते और तिरंगा लहराते हुए दिखाई दे रही हैं।
एशियन गेम्स 2026 में तीन पदक जीतने वाली 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोड़ अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के लिए व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण पदक जीतने का सपना देख रही हैं। अपनी उपलब्धियों से भारतीय खेल जगत में पहचान बनाने वाली कुमकुम ने भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली से मिलने की इच्छा भी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि विराट कोहली की कामयाबी के साथ उनका जमीन से जुड़ा व्यक्तित्व भी उन्हें प्रभावित करता है।
कुमकुम मोहोड़ ने यह बात आर्चरी प्रीमियर लीग (एपीएल) के दूसरे सीजन के दौरान सामने आई बातचीत में कही। गुरुवार को हैदराबाद में हुसैन सागर झील के किनारे नेकलेस रोड स्थित पीपुल्स प्लाजा में आर्चरी प्रीमियर लीग का दूसरा सीजन शुरू हुआ। इसमें भारत और दुनिया के शीर्ष 48 अंतरराष्ट्रीय एवं भारतीय तीरंदाज शामिल हुए। एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद 17 वर्षीय कुमकुम आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
महाराष्ट्र के अमरावती की रहने वाली कुमकुम ने आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। वह भारतीय दल में सर्वाधिक पदक जीतने वाली खिलाड़ियों में शामिल रहीं। उन्होंने प्रतियोगिता में अपने अनुभव, दक्षिण कोरियाई तीरंदाजों को हराने, आर्चरी प्रीमियर लीग से मिलने वाले लाभ और लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक में भारत की पदक संभावनाओं पर भी बात की।
कुमकुम के मुताबिक, आर्चरी प्रीमियर लीग भारतीय तीरंदाजों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करने से भारतीय तीरंदाजों को काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। इससे विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का डर भी कम हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजों को प्रत्येक तीर चलाने के लिए 20 सेकंड मिलते हैं, जबकि यहां केवल 15 सेकंड दिए जाते हैं। इससे खिलाड़ियों को दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना सीखने में मदद मिलती है।
लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक में पदक जीतने के लक्ष्य पर कुमकुम ने अपना इरादा स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “मैं अभी केवल 17 साल की हूं और सब-जूनियर वर्ग में भी प्रतिस्पर्धा कर रही हूं। लेकिन मेरा सपना लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के लिए व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण पदक जीतना है।”
भारतीय तीरंदाजों की संभावनाओं को लेकर भी कुमकुम आश्वस्त नजर आईं। उन्होंने कहा, “भारतीय तीरंदाज निश्चित रूप से लॉस एंजिलिस 2028 में ओलंपिक पदक जीतेंगे। यह भी संभव है कि भारत तीरंदाजी में एक से अधिक पदक जीते।”
आर्चरी प्रीमियर लीग से जुड़े बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा और उनकी पत्नी लिन लैशराम ने भी भारतीय तीरंदाजी टीम के प्रदर्शन की सराहना की। दोनों एपीएल की एक टीम पृथ्वीराज योद्धाज के सह-मालिक और ब्रांड एंबेसडर हैं। रणदीप हुड्डा ने बताया कि वह घुड़सवारी और रोइंग से जुड़े हैं, जबकि लिन लैशराम पूर्व जूनियर राष्ट्रीय चैंपियन रह चुकी हैं।
रणदीप हुड्डा ने भारतीय तीरंदाजों की उपलब्धियों पर कहा, “भारतीय खिलाड़ियों ने दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम को जिस तरह हराया है, उसकी हमने पहले कल्पना भी नहीं की थी। इस टीम ने हमारी उम्मीदें बढ़ा दी हैं।”
कुमकुम ने बातचीत में अपने परिवार और शुरुआती सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पढ़ाई में वह काफी अच्छी थीं, हालांकि अब उन्हें पढ़ने के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि उनका परिवार आर्थिक रूप से संपन्न नहीं है, लेकिन उनके पिता ने कभी उन्हें आर्थिक सीमाओं का बोझ महसूस नहीं होने दिया। तीरंदाजी अपनाने के लिए उन्होंने अपनी मां को भी प्रेरणा का स्रोत बताया।
विराट कोहली के प्रति अपनी पसंद जाहिर करते हुए कुमकुम ने कहा, “इतने बड़े स्टार होने के बावजूद विराट कोहली जमीन से जुड़े हुए हैं। यह ऐसी बात है, जिससे सीखना चाहिए। मैं उनसे मिलना चाहूंगी।”
एशियन गेम्स में तीन पदक जीतने के बाद कुमकुम का अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल करना है। कम उम्र में मिली इस सफलता के बीच उनका ध्यान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने पर है।